DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

अवैध परमाणु व्यापार पर कार्रवाई पर सहमति संभव

अवैध परमाणु व्यापार पर कार्रवाई पर सहमति संभव

अमेरिका द्वारा आयोजित होने वाली परमाणु सुरक्षा शिखर बैठक में एटमी सामग्री के अवैध व्यापार पर वैश्विक स्तर पर कड़ी कार्रवाई के समर्थन वाला एक दस्तावेज भी जारी होने की संभावना है। इस बैठक में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह समेत 47 देशों के नेता भी शिरकत करेंगे।

वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक मसविदा दस्तावेज में खतरे वाली सभी परमाणु सामग्रियों को आगामी चार साल में सुरक्षित करने का आह्वान भी किया गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा द्वारा बुलाई गई यह दो दिवसीय बैठक आगामी 12 अप्रैल को शुरू होगी। इसमें भारत समेत 47 देशों के नेता भी शामिल होंगे।

अखबार ने लिखा है कि मसविदा दस्तावेज में परमाणु सामग्री की तस्करी करने वाले लोगों पर सख्त आपराधिक अभियोजन, हथियार की श्रेणी वाली परमाणु सामग्री के बेहतर रखरखाव तथा ऐसे मामलों में और अधिक अंतरराष्ट्रीय सहयोग का आह्वान भी किया गया है। मसविदे में कहा गया अंतरराष्ट्रीय समुदाय को परमाणु सामग्री की तस्करी की घटनाओं को प्रभावी ढंग से रोकना चाहिए।

रिपोर्ट के मुताबिक माना जा रहा है कि शिखर बैठक में भाग लेने वाले नेता उच्च संवर्धित ईंधन से संचालित परमाणु रिएक्टरों को निम्न संवर्धित ईंधन से चलने वाले रिएक्टरों में तब्दील करने के प्रस्ताव पर सहमति दे देंगे।

अखबार लिखता है कि प्रस्तावित दस्तावेज में परमाणु ऊर्जा संबंधी गतिविधियों को लेकर अंतरराष्ट्रीय परमाणु संधियों की शर्तों का पालन कराने में अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) की आवश्यक भूमिका को एक बार फिर पुष्ट किया गया है।

खबर के मुताबिक शिखर बैठक में शामिल होने वाले नेताओं के एक कार्ययोजना पर भी रजामंद होने की संभावना है, जिसमें परमाणु तस्करी पर लगाम लगाने के लिए देशों द्वारा अपनाई जाने वाली कार्रवाई की विस्तृत रूपरेखा दी होगी। मसविदे के मुताबिक वर्ष 2012 में एक फॉलोअप सम्मेलन आयोजित करने की योजना है।

परमाणु हथियारों से मुक्त दुनिया की अपनी महत्वाकांक्षा को पूरा करने की कोशिश के तहत यह शिखर बैठक बुला रहे ओबामा ने कहा कि यह परमाणु सुरक्षा बैठक इसमें भाग लेने वाले देशों के लिए खतरे वाली सभी परमाणु सामग्रियों को सुरक्षित करने का इरादा करने के लिए अच्छा अवसर होगी।

इस दो दिवसीय बैठक में भारत के साथ-साथ ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, इंडोनेशिया, इस्राइल, इटली, जापान, मलेशिया, मेक्सिको, नार्वे, पाकिस्तान, फिलीपींस, पोलैंड, दक्षिण कोरिया, रूस, सऊदी अरब, सिंगापुर, स्विजटरलैंड, दक्षिण अफ्रीका, स्पेन और ब्रिटेन समेत 47 देश हिस्सा लेंगे। शिखर बैठक में संयुक्त राष्ट्र, आईएईए और यूरोपीय संघ भी शामिल होंगे।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:अवैध परमाणु व्यापार पर कार्रवाई पर सहमति संभव