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11वीं और 12वीं स्तर पर अब व्यावसायिक कोर्स भी पढ़ेंगे छात्र

11वीं और 12वीं स्तर पर अब व्यावसायिक कोर्स भी पढ़ेंगे छात्र

स्कूली स्तर पर छात्रों की रचनात्मक क्षमता को तराशने के उद्देश्य से सरकार ने स्कूलों में 11वीं और 12वीं कक्षा में छात्रों लिए कला, विज्ञान और वाणिज्य विषयों के साथ एनीमेशन, ललित कला, संगीत, लकड़ी का काम, दस्तकारी, पाक कला, पारा मेडिक्स, आतिथ्य क्षेत्र और अन्य दक्षता उन्नयन जैसे विषयों पर पाठयक्रम शुरू करने की योजना बनाई है।

मानव संसाधन विकास मंत्रालय अपनी व्यावसायिक शिक्षा योजना को संशोधित करने को तत्पर है जिसके तहत छात्र इन व्यवसायिक पाठयक्रमों को कला, विज्ञान और वाणिज्य के समान ही विकल्प के तौर पर चुन सकते हैं।

संशोधित योजना आस्ट्रेलिया और जर्मनी की व्यवसयिक शिक्षा माडल के तर्ज पर तैयार की गई है और इसकी घोषणा अगले महीने की जाने की उम्मीद है।

मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि छात्र 11वीं और 12वीं कक्षा में सिर्फ इन व्यवसासिक कोर्स का अध्ययन कर सकते हैं। यह वर्तमान कला, विज्ञान और वाणिज्य के अतिरिक्त अलग संकाय होगा।

संशोधित व्यवसायिक शिक्षा संकाय का ध्यान सभी स्तरों पर उद्योग से गठजोड़ पर आधारित होगा जिसकी शुरुआत पाठयक्रम का डिजाइन तैयार करने से लेकर शिक्षण और उद्योग में कार्य अनुभव तक होगा।

इसका उद्देश्य छात्रों में रोजगार के अवसर सुनिश्चित करना हैं। इन व्यवसायिक पाठयक्रमों को पूरा करने के बाद छात्र बी टेक कोर्स की तरह संबंधित नौकरी प्राप्त कर सकते हैं।

इस पाठयक्रम को आस्ट्रेलिया और जर्मनी के व्यवसायिक पाठयक्रम के मॉडल के आधार पर तैयार किया गया है जहां शिक्षा में उद्योग प्रशिक्षण महत्वपूर्ण कारक है। इस संबंध में मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल के नेतत्व में एक शिष्टमंडल अभी आस्ट्रेलिया गया हुआ है जो व्यवसायिक शिक्षा प्रणाली और अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभावों के बारे में समक्ष बनायेगा।

दोनों देश पहले ही व्यवसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण पर एक संयुक्त समूह का गठन कर चुके हैं। व्यवसायिक शिक्षा संकाय के तहत एनीमेशन, ललित कला, संगीत, लकड़ी का काम, दस्तकारी, पाक कला, पारा मेडिक्स, आतिथ्य क्षेत्र और अन्य दक्षता उन्नयन जैसे विषयों पर पाठयक्रमों को शामिल किया जायेगा।

व्यवसायिक शिक्षा संकाय के तहत 70 प्रतिशत विषय विशिष्ट शिक्षा पर केंद्रीत होंगे, जबकि 30 प्रतिशत पढ़ाई अंग्रेजी और संवाद दक्षता पर आधारित होगी। यह पाठयक्रम पूरे देश में 100 प्रतिशत केंद्र सरकार के सहयोग से शुरू की जायेगी। 11वीं पंचवर्षीय योजना के तहत सरकार ने इसके लिए 2,000 करोड़ रुपये की राशि निर्धारित की है। और मंत्रालय वित्त खर्च समिति की मंजूरी के लिए एक नोट तैयार कर रही है जिसके बाद इसे मंत्रिमंडल की मंजूरी के लिए भेजा जायेगा।

मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल ने कहा था कि छात्र और उनके माता पिता मानविकी, विज्ञान, वाणिज्य जैसे पारंपरिक पाठयक्रम से आगे बढ़कर सोचने की जरूरत है और ऐसे विषयों को तवज्जो दिया जाना चाहिए जो उनकी क्षमता और रचनात्मकता के अनुकूल हों।

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