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7 खुशहाल शादी के सूत्र

7 खुशहाल शादी के सूत्र

कहते हैं कि रियल वर्ल्ड में परफेक्ट शादी देखने को नहीं मिलती। हां, खुशहाल शादी या हैप्पी मैरिज अवश्य देखने को मिलती है। यह भी तथ्य है कि विवाह के दिन लड़का और लड़की दोनों के मन में साथ रहने को लेकर ढेरों सपने और उम्मीदें होती हैं, लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता है, वैवाहिक रिश्ते में कड़वाहट पैदा होने लगती है। कैसे आप अपनी मैरिज को हैप्पी मैरिज में बदल सकते हैं, बता रहे हैं सुधांशु गुप्त

दुनिया में वैवाहिक रिश्ते से ज्यादा प्यारा दोस्ताना और चार्मिग रिश्ता और कोई नहीं हो सकता।
मार्टिन लूथर

यकीनन दो व्यक्तियों के बीच का यह रिश्ता एक आध्यात्मिक यात्रा से शुरू होता है। यह एक ऐसा रिश्ता है, जो दोनों पक्षों को उम्र भर जोड़े रखता है। परिवार की शुरुआत भी इसी रिश्ते से होती है। वैवाहिक संस्था में हमारा यकीन ही है कि हम शादी के मौके पर अपनी क्षमताओं से अधिक पैसा, ऊर्जा और समय खर्च करते हैं। जाहिर है ऐसे में हर व्यक्ति की यही उम्मीद होती है कि की जा रही शादी खुशहाल शादी साबित हो, लेकिन तमाम कारणों से आज इस वैवाहिक रिश्ते की बुनियाद कुछ हिलती- सी दिखाई दे रही है। कम से कम बाहर से तो ऐसा ही लगता है। और अगर ऐसा नहीं भी है तो इसमें कोई दो राय नहीं कि कई बार छोटी-छोटी बातें इस खूबसूरत रिश्ते को बोझ में बदल देती हैं। मनोचिकित्सक और मैरिज काउंसलर डॉ. गीता माहेश्वरी से बातचीत और उनके द्वारा लिखी किताब (दि हैप्पी मैरिज मंत्र) के आधार पर हम यहां सात ऐसे सूत्र दे रहे हैं, जो आपकी शादी को खुशहाल शादी में बदल सकते हैं। दिलचस्प बात है कि ये मंत्र किसी जाति, धर्म और संप्रदाय से बंधे नहीं हैं। ये मंत्र किन्हीं भी दो व्यक्तियों के विवाह को खुशहाल बनाने में मददगार साबित होंगे।

1. अपने पार्टनर को स्वीकार करें

अमूमन लड़कियां इस विचार के साथ शादी करती हैं कि ‘वह बदल जाएगा’ और यह सोच कर कि ‘वह बदलने से तो रही’। दुर्भाग्य से दोनों ही गलत हैं। हमें यह याद रखना चाहिए कि हर व्यक्ति अपने आप में अलग है। हर व्यक्ति अपने व्यक्तित्व की कुछ खास बातों, अतीत के अपने अनुभवों, अपनी शिक्षा, संस्कृति और पर्यावरण का कुल योग होता है। इसलिए अपने पार्टनर को बदलने की बजाय अपने और उसके मतभेदों को समझों और एंजॉय करें। याद रखें कि दुनिया में आप केवल एक व्यक्ति (खुद) को ही बदल सकते हैं। आपने एक दूसरे के  साथ विवाह जीवन का आनंद उठाने के लिए किया है, अपने इस गोल पर हमेशा नजर रखें।

टिप्स

सही और गलत की अपनी धारणाएं एक दूसरे पर आरोपित न करें।
अपने पार्टनर की बुरी आदतों को छुड़ाने में उसकी मदद करें।
अपने पार्टनर की जरूरतों का सम्मान करें।

2. एक दूसरे को स्पेस दें

आपका पार्टनर और विवाह आपको वह सब कुछ नहीं दे सकता, जो एक व्यक्ति के रूप में आपको चाहिए। एक साथ बहुत सा समय गुजारना जीवन को बोरिंग बना देता है। याद रखिए कि एक साथ होने के बावजूद आप दोनों अलग-अलग रुचियों के दो अलग-अलग व्यक्ति हैं, इसलिए आप दोनों को ग्रो करने के लिए स्पेस चाहिए, इसलिए अपने पार्टनर को लेकर ओबसेस मत होइये। याद रखिए कि उसकी आपसे विवाह करने से पहले भी एक लाइफ थी। उसे पुरानी जिंदगी से जुड़े रहने का समय दीजिए और उसे अपनी रुचियों को पूरा करने के लिए प्रेरित कीजिए।

टिप्स

हैल्दी मैरिज ‘हम’ और ‘मैं’ का संतुलन होती है।
अपने पार्टनर को उन लोगों से जुड़ने का समय दीजिए, जिनसे वे भावनात्मक रूप से जुड़े हैं।
अपने दोस्तों का दायरा बढ़ाइये।

3. घर के काम

वे दिन चले गये, जब पुरुष कमरे में बैठ कर टीवी देखा करता था और महिला घर के कामों में जुटी रहती थी। अगर दोनों वर्किग हैं तो यह बेहद जरूरी है कि घर के कामों में दोनों की बराबर की भागीदारी हो। अगर महिला वर्किग नहीं है, तब भी यह जरूरी है कि आप घर के कामों में रुचि लें और काम में पत्नी का हाथ बंटायें। यह मान कर न चलें कि घर की सारी जिम्मेदारी महिला की है। यदि आप घर के कामों में हाथ बंटाते हैं तो आप पायेंगे कि आपको अपने पार्टनर के साथ बिताने के लिए अधिक समय मिलेगा और आप एक दूसरे के ज्यादा करीब आएंगे।

टिप्स

कुछ काम हमेशा साथ करें, जैसे साथ खाएं, साथ प्रार्थना करें और एक साथ सोने जाएं।
घर के कामों को प्राथमिकता के हिसाब से बांट ले।
खुद में लचीलापन लाएं। पार्टनर को कोई भी काम उसके अपने तरीके से करने दें।

4. संयुक्त फैसले लें

विवाह का अर्थ है पार्टनरशिप, इसलिए यह तय करें कि कोई फैसला निजी रूप से न लें। संयुक्त फैसले लेने का एक यह नतीजा होगा कि उस फैसले के परिणामों के लिए दोनों बराबर के जिम्मेदार होंगे। घर में ज्यादा प्यार रहेगा, यदि दोनों साथ बैठ कर बातचीत के जरिये कोई फैसला लेते हैं। कुछ फैसले बेशक ज्यादा योग्य पार्टनर ले सकता है, लेकिन इन फैसलों में भी उसे अपने पार्टनर की मंजूरी ले लेनी चाहिए।

टिप्स

वित्तीय योजना दोनों मिल कर बनाएं।
बच्चों के बारे में भी फैसले संयुक्त रूप से ही लें।
एक दूसरे के करियर के बारे में आपस में चर्चा के बाद ही कुछ तय करें।

5. साथ हंसें

कहते हैं कि जो एक साथ हंस नहीं सकते, वे एक दूसरे से प्यार नहीं कर सकते, इसलिए एक साथ हंसना विवाह का सबसे बड़ा आनंद है। अब तो यह थैरेपी भी है। साथ हंसने से आपका तनाव कम होता है और ब्रेन में फील गुड कैमिकल का स्तर बढ़ता है। साथ ही इससे आपका इम्यून सिस्टम बेहतर होता है और आप मानसिक और भावनात्मक रूप से खुद को बेहतर महसूस करते हैं।

टिप्स

डिनर के समय एक-दूसरे से मजेदार बातें शेयर करें।
एक-दूसरे को फनी ई-मेल्स भेजें।
सेंस ऑफ ह्यूमर विकसित करें, ताकि एक-दूसरे की हंसी की जुबान समझ सकें।

6. क्वालिटी टाइम

हर रिश्ते को पनपने और विकसित होने के लिए समय की जरूरत होती है। एक-दूसरे के साथ क्वालिटी टाइम गुजारने का अर्थ है, ऐसा समय एक साथ गुजारना, जिसमें आप पूरी तरह एक दूसरे के साथ हों-बिना किसी बाधा और परेशानी के। ऐसा समय साथ गुजारने से दोनों के बीच समझदारी बढ़ती है और दोनों एक-दूसरे के प्रेम के प्रति आश्वस्त होते हैं। आज तो इस चीज की और भी ज्यादा जरूरत है, क्योंकि अधिकांश पति-पत्नी काम के बोझ से दबे से रहते हैं। ऐसे में क्वालिटी टाइम साथ बिताना बहुत जरूरी है।

टिप्स

साथ गुजारने के लिए समय चुरायें।
घर के काम साथ करने से भी आप क्वालिटी टाइम साथ बिताते हैं।
छोटे-छोटे हॉलिडेज पर केवल आप दोनों ही जाएं।

7. युवा बने रहें

इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि आपकी शादी को कितने साल हो गये हैं। खुद को युवा बनाए रखें। अपने विवाह को ऑटो मोड में न डाल दें यानी जैसे चल रहा है, चलने दो। मानसिक रूप से खुद को युवा समझों और उसी तरह व्यवहार भी करें। एक दूसरे को समझने की प्रक्रिया को जारी रखें और इस बात पर सोचें कि आपकी शादी किस तरह नयी और फ्रैश बनी रह सकती है।

टिप्स

अपने भीतर के रोमांस को हमेशा जीवित रखें।
सप्ताह में कम से कम एक बार डेट पर जाएं।
थोड़े से शरारती बनें।

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