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लो-फ्लोर बस मामला: शीला ने की कैग की आलोचना

मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने स्थानीय सरकार द्वारा लो फ्लोर बसें खरीदने के मामले में नियंत्रण एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट की आलोचना करते हुए कहा कि आडिटर को समग्र दृष्टिकोण अपनाना चाहिए था।

मंगलवार को इस मामले में कैग की प्रतिकूल रिपोर्ट की आलोचना करते हुए शीला ने कहा कि दिल्ली सरकार ने कई अन्य राज्यों की अपेक्षा कम कीमतों पर बसें खरीदीं।

उन्होंने एक पैनल विमर्श में कहा कि हमने बसें खरीदीं, क्योंकि हम चाहते थे कि दिल्ली को एक आधुनिक नगर बनाया जाए और यह हरेक का सपना है। लेकिन कैग की रिपोर्ट में कहा गया है कि हमने सार्वजनिक राशि का दुरूपयोग किया और हमने महंगी बसें खरीदीं।

मार्च 2009 को समाप्त हुए वर्ष में के लिए अपनी रिपोर्ट में कैग ने कहा है कि बसें तकनीकी समिति द्वारा बतायी गई उचित दरों से कहीं अधिक दर पर खरीदी गईं।

उन्होंने कहा कि नतीजे अधिक महत्वपूर्ण हैं। अगर नतीजे अच्छे हैं, दृश्यमान हैं और सब को संतुष्ट करते हैं तो उस पर भी विचार किया जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छोटे मुद्दों पर ऐसी टिप्पणी से नीतिनिर्माता और नौकरशाह फैसले लेने से हतोत्साहित होते हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार ने प्रत्येक नान एसी लो फ्लोर बस के लिए 49.99 लाख रुपए का भुगतान किया जबकि विजयवाड़ा ने ऐसी बसों के लिए 50.74 लाख रुपए और उत्तर प्रदेश ने 51.5 लाख रुपए का भुगतान किया।

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  • Web Title:लो-फ्लोर बस मामला: शीला ने की कैग की आलोचना