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नक्सलियों के भीषण हमले में 75 सुरक्षाकर्मी शहीद

नक्सलियों के भीषण हमले में 75 सुरक्षाकर्मी शहीद

सुरक्षाबलों पर अब तक के सबसे घातक हमले में मंगलवार को नक्सलवादियों ने छत्तीसगढ़ के दंतेवाडा़ जिले के घने जंगलों में घात लगाकर 75 जवानों की हत्या कर दी तथा आठ अन्य को घायल कर दिया।

नक्सलियों के गढ़ माने जाने वाले दंतेवाडा़ जिले के मुकराना के घने जंगलों में आज सुबह छह से सात बजे के बीच नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे आपरेशन ग्रीन हंट के तहत केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल की 62वीं बटालियन के 80 जवान और राज्य पुलिस का संयुक्त बल जब सेना की कार्रवाई के लिये रास्ते को साफ कर लौट रहा था, तभी यह भीषण हमला हुआ।

दंतेवाडा़ के पुलिस अधीक्षक अमरेश मिश्र ने बताया कि सीआरपीएफ के 74 जवान और जिला पुलिस का एक हेड कांस्टेबल नक्सली हमले में शहीद हो गया।

उन्होंने बताया कि नक्सलियों ने पहले जिले के चिंतलनार तारमेटला गांव के निकट सीआरपीएफ जवानों को लेकर जा रहे एक वाहन को विस्फोट से उड़ा दिया। विस्फोट के तुरंत बाद सीआरपीएफ के जवानों और कुछ अन्य सुरक्षा बलों ने जब नक्सलियों का जवाब देना का प्रयास किया तो पास की पहाड़ी से नक्सलियों ने उन पर भारी गोलीबारी शुरू कर दी।

मिश्र ने बताया कि सीआरपीएफ की टीम तलाशी अभियान और इलाके को नक्सलियों से मुक्त कराने के अभियान के तहत पिछले तीन दिन से तारमेटला के जंगलों में डेरा डाले हुए थी।

इस हमले से चिंतित प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने गृह मंत्री पी चिदम्बरम को फोन कर स्थिति का जायजा लिया। दोनों नेताओं ने हमले पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए सुरक्षा बलों के मारे जाने पर दुख व्यक्त किया।

प्रधानमंत्री ने इसे एक भयावह घटना बताया जबकि चिदम्बरम ने कहा कि इससे माओवादियों की बर्बर और क्रूर मानसिकता का पता चलता है।

इतनी बडी़ संख्या में जवानों के मारे जाने से विचलित चिदम्बरम ने कहा कि संयुक्त अभियान में कुछ न कुछ बहुत बडी गड़बड़ी हुई है और ऐसा लगता है कि सुरक्षाबल के जवान किसी जाल में फंस गये।

महानिरीक्षक आर के विज ने बताया कि घटनास्थल से सुरक्षा जवानों के 73 शव बरामद किये गये हैं और लगता है कि लगभग एक हजार नक्सलियों ने इस नृशंस हमले को अंजाम दिया।

उन्होंने बताया कि नक्सलियों ने आईईडी विस्फोटक से विस्फोट कर दिया जिससे बारूदी सुरंग रोधी एक वाहन के परखच्चे उड़ गये। इस वाहन में केवल चालक था। इसके बाद सीआरपीएफ जवानों और माओवादियों के बीच भीषण गोलीबारी हुई।

उन्होंने बताया कि घायलों में से आठ को जंगलों से लाकर इलाज के लिये भेजा गया है।

दिल्ली से घटनास्थल के लिये रवाना हुए सीआरपीएफ के महानिदेशक विक्रम श्रीवास्तव ने कहा कि नक्सलियों ने जब हमला किया, उस समय सीआरपीएफ के जवान अभियान के लिये जंगलों में थे। यह बहुत ही दुखद है।

राज्य के मुख्यमंत्री रमन सिंह ने कहा कि इस घटना ने नक्सलियों का वास्तविक चेहरा उजागर कर दिया है। उन्होंने इस भीषण त्रासदी के बाद रणनीति पर विचार करने के लिये राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों की एक बैठक बुलायी।

सीआरपीएफ के विशेष महानिदेशक और नक्सल रोधी कार्यबल के कमांडर विजय रमन जंगल के लिये रवाना हो गये हैं। अतिरिक्त सुरक्षाबल घटनास्थल के लिये भेजे गये हैं और तलाशी अभियान जारी है।

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