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हिंडन मैली क्यों, जानने आए देहरादून से साइंटिस्ट

हिंडन नदी में बढ़ते प्रदूषण का कारण जानने देहरादून से आया वैज्ञानिकों का एक दल साहिबाबाद पहुंचा। जल बिरादरी के साथ मिलकर प्रतिनिधि मंडल ने नदी का जायजा लिया। लाजपत नगर में आयोजित एक बैठक के दौरान नदी में प्रदूषण से होने वाले खतरों व उसके बचाव को लेकर गहन चर्चा की गई।


सहारनपुर से गौतमबुद्ध नगर तक दजर्न भर गांवों का दौरा करने के बाद देहरादून साइंस इंस्टीटय़ूट (डीएसआई )से आया दल रविवार को साहिबाबाद के लाजपत नगर पहुंचा। प्रतिनिधि मंडल में तीन लोग शामिल थे। टीम का नेतृत्व कर रहे साइंटिस्ट पवित्र सिंह ने बताया कि नदी में फैलने वाले प्रदूषण के स्नोत तथा उससे होने वाले प्रभाव का पता लगाना लगाया जा रहा है जिससे नदी को जहरीला होने से बचाया जा सके।


हिंडन नदी के किनारे बसने वाले गांव नदी के प्रदूषित पानी से प्रभावित हो रहे हैं। जहरीला पानी खेतों में फसलों को नुकसान पहुंचा रहा है। साथ ही इसकी आबोहवा में रहने वाले लोग खतरनाक बीमारियों शिकार हो रहे हैं। वहीं हिंडन नदी को लेकर पहले से काम कर रही राष्ट्रीय जल बिरादरी के विक्रांत शर्मा ने कहा कि हिंडन नदी को बचाने की मुहिम एक साथ मिल कर छेड़ी जाएगी। इसके लिए नदी के किनारे पड़ने वाले करीब 400 गावों का सर्वे कराया जाएगा। शहर की फैक्ट्रियों से निकलने वाले जहरीले रसायनों से नदी को बचाने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर करने की तैयारी चल रही है। वहीं नदी किनारे बसे गांवों में घूम-घूम कर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि डीएसआई तकनीकी जानकारी देने में सहायक होगी जिससे हमारी लड़ाई को और मजबूती मिलेगी। बैठक में में कृष्ण पाल सिंह, त्रिलोकी नारायण वशिष्ठ, विवेक, वैद्य शांति कुमार मिश्र आदि कई लोग शामिल रहे।

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