DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

सरकारी स्कूलों में किताबों के लिए नहीं है लाइब्रेरी

सरकारी स्कूलों के स्टूडेंट्स को लाइब्रेरी का लाभ नहीं मिल रहा है। अधिकांश स्कूलों में लाइब्रेरी के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं है। लाइब्रेरियन और रखरखाव की कमी के कारण हर साल सैकड़ों किताबें नष्ट होती जा रही हैं।
शिक्षा विभाग स्टूडेंट्स को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए स्कूलों में लाइब्रेरी बनाने की योजना बनाई थी। इसे देखते हुए विभाग तीन साल से स्कूलों में किताबें उपलब्ध कराता आ रहा है। लेकिन, कुछ दिन पहले गुड़गांव उत्तरी के एसडीएम सतेन्द्र दुहन दक्षिणी के एसडीएम के.के. गुप्ता ने  पिछले महीने किए गए निरीक्षणों के आधार पर रिपोर्ट डीसी को दी थी। रिपोर्ट में 8 स्कूलों के निरीक्षण में पाया गया कि ना तो लाइब्रेरी है और ना ही विज्ञान प्रयोगशाला का उचित इस्तेमाल किया जा रहा है। इस पर उपायुक्त ने जिला शिक्षा अधिकारी को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश देते हुए उन स्कूलों के प्राचार्यो, मुख्याध्यापकों का स्पष्टीकरण मांगने को कहा था। दुहन ने बैठक में बताया था कि गांव हसनपुर दरियापुर के स्कूल में सुन्दर कम्प्यूटर लैब बनाई गई है जो संचालित भी हो रही है। उन्होंने इस प्रकार की लैब सभी स्कूलों में संचालित करने की सिफारिश भी की।  जिला शिक्षा अधिकारी अजीत सिंह कादियान ने बताया कि स्कूलों के पुस्तकालयों में पिछले तीन वर्षो से किताबे आनी शुरू हुई हैं। लेकिन, कोई लाईब्रेरियन नहीं होने के कारण उनकी कैटलॉग तैयार नहीं हो पाई। उन्होंने कहा कि इस बारे में प्रिंसिपल को निर्देश दिए गए है कि अपने स्तर पर किताबों का रखरखाव करें।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:सरकारी स्कूलों में किताबों के लिए नहीं है लाइब्रेरी