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खबरों के खिलाड़ी का दागदार अतीत

जब शोएब मलिक की शादी सानिया मिर्जा के साथ होने की खबर पाकिस्तान के क्रिकेट खिलाड़ी सरफराज नवाज तक पहुंची, तब सरफराज नवाज की बेबाक टिप्पणी थी- ‘अब तो शोएब मलिक की चांदी है। अल्लाह ताला के फजल से उसे ऐसी बीवी मिल रही है जो टेनिस की इंटरनेशनल प्लेयर है।..यानी अब शोएब के हाथ में टेनिस के मैच फिक्सिंग कराने का हक आने वाला है।’

सरफराज नवाज क्रिकेट के मैदान में इमरान खान के नियमित ‘न्यू बॉल पार्टनर’ रहे हैं और राजनीति में भी सक्रिय हैं। ‘रिवर्स स्विंग’ के शहंशाह सरफराज नवाज की बात में बहुत दम है, ऐसा कई लोगों का मानना है। दिलचस्प बात यह है शोएब मलिक की हौसला अफजाई करनेवालों में इमरान खान आगे रहे हैं, जो ये मानते थे कि शोएब मलिक पाकिस्तान की उम्रदराज होती टीम में ‘नया खून’ है। यह वही ‘नया खून’ है, जिसे 2005 में वेस्टइंडीज के खिलाफ मैच खेलने के लिए न केवल प्रतिबंधित कर दिया गया था, बल्कि मैच फीस का 75 प्रतिशत जुर्माना भी ठोक दिया गया था। आस्ट्रेलिया में पिछले महीने प्रैक्टिस के दौरान शोएब पर बदतमीजी के इल्जाम भी लगे। हालात यह है कि अब शोएब मलिक का क्रिकेट विवादों की वजह से समाप्ति की तरफ है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने उन्हें बेरोजगार कर दिया है।

ऐसा नहीं कि शोएब क्रिकेट के सितारे नहीं रहे हैं। वे क्रिकेट में अच्छा खेलते थे। ऑफ स्पिनर से शुरुआत कर आलराउंडर बने। राहुल द्रविड़ और इंजमाम उल हक से उनकी तुलना की जाती थी और उनका स्ट्राइक रेट सौ गेंदों पर 77.23 रन का रहा है। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 2003 में उन्होंने 41 गेंदों पर 82 का स्कोर खड़ा किया था। लेकिन परेशानी जब शुरू हो गई तब उन्होंने अपनी बॉलिंग एक्शन के जलवे दिखाए। सवाल बार-बार यही खड़ा होता कि उनका बैटिंग का स्कोर तब ही बड़ा होता था जब वे श्रीलंका या दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खड़े होते थे।

इंजमाम उल हक के कैप्टन पद से हटने के बाद जब यूनुस खान को रिजेक्ट किया और शोएब मलिक को लीडरशिप दी गई तब 19 अप्रैल 2007 को शोएब मलिक कैप्टन बनाए गए। आबूधाबी में उनकी लीडरशिप की पहली मैच सीरीज पाकिस्तान ने श्रीलंका को 2-1 से हराकर जीती और उसके बाद उन पर मैच फिक्सिंग के आरोप मढ़े गए। पाकिस्तान की सरजमीं पर हुए वनडे मैच की सीरीज में पाकिस्तान दक्षिण अफ्रीका से 1-0 और 3-2 से हारा। भारत से पाकिस्तान की मैच सीरीज में पाकिस्तान 3-2 से हारा था। शोएब की लाइफ स्टाइल को लेकर तमाम तरह की बातें होती रही हैं। यह भी चर्चा रही कि वे क्रिकेट के ‘खेल’ में भारत के हैदराबाद शहर के ही क्रिकेटर अजहरुद्दीन के समान हैं। समझने वाले इसका अर्थ जानते हैं।

शोएब मलिक के बारे में कहा जाता है कि वे क्रिकेट मैचों के दौरान अनुशासन में कभी नहीं रहे। टीम के साथ उनकी टय़ूनिंग कम ही बैठी। वे मस्ती भरे अंदाज में ज्यादा रहे। उनके कई साथी उन्हें रंगीला और रंगीन मिजाज भी कहते हैं। बीच में उन्हें भारतीय हिन्दी फिल्मों में काम करने का चस्का चढ़ा, लेकिन कोई बात नहीं बन सकी।

उनके बारे में कहा गया कि पूर्व मिस इंडिया और अभिनेत्री सयाली भगत से भी उनकी मोहब्बत चर्चा में थी। शायद सयाली भगत को अपने फिल्मी करियर में कोई तारनहार की जरूरत थी। बात बनी नहीं। सयाली भगत ने ही खंडन किया कि शोएब मलिक से उनकी दोस्ती है।

शोएब मलिक विवादों में तब भी घिरे थे, जब उन्होंने 2007 में हुए आईसीसी वर्ल्ड कप में भारतीय टीम से हार के बाद भारतीय क्रिकेटर इरफान पठान और यूसुफ पठान के बारे में साम्प्रदायिक टिप्पणी की थी। उन्होंने क्रिकेट में जाति और धर्म लाने की पहल करते हुए कहा था कि जिस तरह मुस्लिम खिलाड़ियों ने भारत को जिताने की राह बनाई, वह दुनिया भर के मुसलमानों के लिए फख्र की बात है। इस बयान का न केवल भारत में, बल्कि पाकिस्तान में भी विरोध हुआ था। बाद में शोएब को सफाई देनी पड़ी कि उनकी बात को गलत संदर्भ में और गलत शब्दों में मीडिया के सामने रखा गया।

शोएब मलिक आज चारों ओर से घिरे हैं। वे मीडिया से घिरे हैं, वे कानून से घिरे हैं, वे प्रशंसकों से घिरे हैं, वे अपने दागदार अतीत से घिरे हैं जिसमें क्रिकेट की गरिमा गिराने के आरोप भी हैं और दौलत के लिए क्रिकेट को धोखा देने की साजिश भी। वे घिरे हुए हैं अपने पुराने पत्रों, पुराने ईमेल से। लेकिन इस सबसे ज्यादा वे घिरे हैं लालच से। क्रिकेट को ‘धंधा’ बनाते हुए उसमें बिक जाने के आरोपों के बीच। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड उन पर साल भर की बंदिश लगा चुका है। कथित पत्नी उन्हें कोर्ट में खींच चुकी हैं। वे मनोज प्रभाकर के वकील के मार्फत अपनी बात कह रहे हैं। पब्लिसिटी के लिए भारतीय बॉलीवुड की हीरोइन का दामन चाहिए। वे घिरे हैं अखबारों की सुर्खियों में, टीवी के कैमरों की भीड़ में।
सवाल है कि अगर टेलीफोन पर उन्होंने आयशा से निकाह किया था तो टेलीफोन पर ही ‘तलाक-तलाक-तलाक’ क्यों नहीं कह देते? वे फंस जाएंगे अगर ऐसा करेंगे। .. क्योंकि वे यह बात कुबूल नहीं करना चाहते कि उन्होंने आयशा से निकाह किया था। उन्होंने आयशा को ‘महा आपा’ और ‘महा खाला’ कहा था।
आज शोएब हर मीडिया में हैं- अखबार, टीवी, ब्लॉग्स, वेबसाइट्स, एसएमएस और लतीफों में भी। क्रिकेट ने दुनिया को एक से बढ़कर एक खिलाड़ी दिए हैं, पाकिस्तान ने भी दिए हैं लेकिन किसी कैप्टन की यह गति होगी, किसी ने सोचा नहीं था। हम आयशा और सानिया के बारे में चर्चा नहीं कर रहे, क्योंकि वक्त बताएगा कि वे जिस मोड़ पर थीं, वहां क्या दुविधा या अवसर थे। हम बात कर रहे हैं शोएब मलिक की।

क्रिकेट के बारे में महावत है ‘वनडे क्रिकेट इज एक्जीबिशन, टेस्ट मैच इज एक्जामिनेशन।’ शोएब के लिए शायद हर चीज एक्जीबिशन है।..और इसीलिए वे खबरों के खिलाड़ी हैं।

लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं

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