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पीयू में 5 फीसदी गरीब छात्रों को नि:शुल्क शिक्षा

पंजाब यूनिवर्सिटी अपने हर विभाग में जरूरतमंद गरीब छात्रों को नि:शुल्क शिक्षा मुहैया कराएगा। इसके लिए हर विभाग में 5 फीसदी अतिरिक्त सीटें सृजित करने का फैसला लिया गया है। यह नियम शिक्षा सत्र 2010-11 से प्रभावी होगा। इस 5 फीसदी सीटों पर मेरिट के आधार पर गरीब छात्रों को मौका दिया जाएगा। पीयू के यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में अब तक 10 फीसदी गरीब छात्रों को नि:शुल्क शिक्षा मिलती रही है। नए फैसले के बाद अब हर विभाग में 5 फीसदी गरीब छात्र बगैर फीस दिए उच्च शिक्षा हासिल कर सकेंगे। इस नए कदम की घोषणा कुलपति ने रविवार को सीनेट की बैठक में की। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि नियमों के मुताबिक सभी विकलांग छात्रों को भी नि:शुल्क शिक्षा मुहैया कराई जाएगी। उन्होंनें बैठक में कॉलेजों से भी अपील की कि वे भी 5 फीसदी सीटें अगर चाहें तो बढ़ाकर उस पर गरीब छात्रों का दाखिला कर सकते हैं। इसके साथ ही यह भी फैसला लिया गया कि कैंपस में चलने वाले सभी सेल्फ फाइनेंसिंग कोर्सो में नॉ टीचिंग कर्मचारियों के बच्चों को भी फीस में 25 फीसदी की छूट दी जाएगी।

छात्रों के लिए सबसे बड़ी रातह देने वाली बता रही कि पीयू ने इस वर्ष किसी भी कोर्स की फीस नहीं बढ़ाने का फैसला लिया है। पहले कुलपति ने सुझाव रखा था कि पहले वर्ष के छात्रों की फीस में 5 फीसदी की बढ़ोतरी की जाए, लेकिन सीनेट सदस्यों के आग्रह को देखते हुए उन्होंने फीस नहीं बढ़ाने की घोषणा कर दी। हालांकि यूजीसी, योजना आयोग और सरकार की ओर से लगातार पीयू पर फीस बढ़ाने का दबाव था। बैठक में यह भी मंजूरी दे दी गई कि छात्र 500 रुपए शुल्क पर देख सकेंगे और 300 रुपए देकर री-इवैलुएट करा सकते हैं। 15 फीसदी अधिक नंबर बढ़ने पर छात्र को 300 की राशि लौटा दी जाएगी।

बैठक के दौरान यह भी फैसला किया गया कि पेंशन को भी बजट का हिस्सा बनाया जाए। इसके लिए एक्सपर्ट को काम सौंपा जाएगा, जो 15 अप्रैल तक इस बारे में रोडमैप तैया करेगा और अगले 50 वर्ष की योजना बताएगा।

खुल गई सीनेट की गैलरी
पीयू छात्रसंघ अध्यक्ष अमित भाटिया ने रविवार को इतिहास रचा। शुरुआत में सीनेटर गुरमीत सिंह के उठाए मुद्दे और फिर लगातार सोपू द्वारा बनाए गए दबाव के बाद गैलरी में छात्रसंघ अध्यक्ष को बैठने की अनुमति मिली और दो दशक बाद ही गैलरी खुली। इसका असर भी सीनेट की बैठक में देखने को मिला। गैलरी में होने का ही आलम रहा कि आज अधिक से अधिक सदस्यों ने छात्र हितों की बात की और फीस बढ़ने से रोकने पर पीयू प्रशासन को राजी करा लिया।

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