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इस खुशी में एक दर्द भी है

पाकिस्तानी क्रिकेटर शोएब मलिक और भारतीय टेनिस खिलाड़ी सानिया मिर्जा की शादी दो पड़ोसी मुल्कों को एक आंचल से बांधने में सहायक हो सकती है। पाकिस्तानी बहू और भारतीय दामाद से दोनों देशों के खेल प्रेमी एक दूसरे के करीब आ सकते हैं, लेकिन इस खुशी में एक दर्द भी है। दोनों देशों के रिश्तों में कभी भी कटुता आ सकती है और इसी डर से यह जोड़ा दुबई में बसने की योजना बना रहा है। बंटवारे को एक लंबा समय बीत चुका है लेकिन रिश्तों की कड़वाहट के मामले में दोनों देश आज भी वहीं खड़े हैं जहां साठ साल पहले खड़े थे। हालांकि इस बीच गंगा, यमुना और रावी में कितना पानी बह चुका है लेकिन यह कड़वाहट धुली नहीं है। क्या अच्छा होता कि यह जोड़ा हमारे बीच ही अपना विवाहित जीवन बिताता।
फैज अहमद

देसी दुल्हन, विदेशी दूल्हा
भारतीय खेल प्रेमियों के दिलों पर राज करने वाली टेनिस कोर्ट की परी सानिया मिर्जा की पाकिस्तान की क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान शोएब मलिक से शादी की खबर चौंकाने वाली है। भारत-पाकिस्तान चाहें तो इन्हीं से प्रेरणा लेकर अपने बिगड़ते रिश्तों को पटरी पर लाने की कोशिश कर सकते हैं।
संतोष कुमार रॉय, नई दिल्ली- 25

बेवजह बवाल
सानिया मिर्जा की शादी पर भारत और पाकिस्तान में कुछ लोग बिना मतलब के विवाद खड़े कर रहे हैं। जब सिद्धांत की बात आती है तो हम सभी यह कहते रहते हैं कि दो दिलों के बीच जाति, मजहब, विचारधारा या देश की दीवार नहीं खड़ी की जानी चाहिए, लेकिन जब हकीकत में यह होता है तो हम हर तरह से ऐसे रिश्तों का विरोध करते हैं। ऐसे शादी फिल्म में हो तो हम ब्लैक में टिकट लेकर भी देखेंगे, लेकिन हमारे पास-पड़ोस में हो तो हम इसे बर्दाश्त नहीं करते।
अंचल अवस्थी, दिलशाद गार्डन, नई दिल्ली

अक्षम्य लापरवाही
प्रकृति हम पर मेहरबान है। और कैसी भी हालत हो, सूखा हो या बाढ़ हो, किसान खेतों में इतना अनाज पैदा कर देते हैं कि हम भरपेट भोजन कर सकें। खबरों के मुताबिक पंजाब के फतेहाबाद जिले में एफसीआई के गोदामों में 750 टन अनाज सड़ गया। इतना सड़ गया कि जानवरों के खाने के लायक भी नहीं रहा। 750 टन अनाज से हमारे देश की पूरी आबादी एक समय का भोजन कर सकती है। यह हाल उस देश का है जहां आबादी एक बड़ा हिस्सा भूखा सोता है। एफसीआई की यह लापरवाही अक्षम्य है। अन्न सिर्फ इसलिए सड़ा क्योंकि इसका भंडारण ठीक से नहीं हुआ। न जाने कितने किसानों का श्रम व धन बेकार गया, लेकिन यह तो हर साल ही होता है।
इंद्र सिंह धिगान, रेडियो कॉलोनी, किंग्ज़वे कैंप, नई दिल्ली

महानगर में महंगाई
आज दिल्ली में आम व्यक्ति का जीन दुश्वार होता जा रहा है। एक तरफ तो निजी कंपनियां अपने कामगारों की वेतन वृद्धि के प्रति उदासीन हैं, दूसरी ओर महंगाई है कि बढ़ती ही जा रही है। कई प्रतिष्ठान तो ऐसे हैं जिन्होंने मंदी के बहाने लोगों का वेतन तक कम कर दिया, जबकि मुख्यमंत्री यह कह रही हैं कि महंगाई है तो क्या हुआ लोगों की तनख्वाहें भी तो बढ़ी हैं। सच यह है कि वे सिर्फ सरकारी कर्मचारियों की ही बढ़ी हैं। दिल्ली में तो अधिकतर लोग निजी संस्थानों में ही काम करते हैं। सरकार के बढ़ते खर्च का भार जनता पर डाला जा रहा है। यही सरकार चुनाव आने पर कीमतों को कम कर देती है और भोली-भाली जनता छह महीने की कम कीमतों को देखकर वोट दे देती है।
दीपक बर्थवाल, नई दिल्ली

स्वागत योग्य सुझाव
केंद्रीय विधि मंत्री वीरप्पा मोइली ने पंजाब यूनिवर्सिटी में हाल ही में आयोजित लॉ कांग्रेस के मौके पर कहा कि वे देश की अदालतों में महिला जजों की संख्या बढ़ाए जाने के पक्ष में हैं। उनका कहना था कि इसके लिए सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय तथा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों को पत्र भी लिखा है। मंत्री का यह बयान सराहनीय है। सरकार अगर न्यायालयों में महिला जजों की संख्या बढ़ाने का पक्ष ले रही है तो इससे जरूर सकारात्मक असर दिखेंगे। कुछ समय पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने भी सुप्रीम कोर्ट में महिला जज की नियुक्ति का सुझाव दिया था। देश में महिलाएं पुरुषों से किसी मामले में कम नहीं हैं। इसके बावजूद उनके साथ अगर भेदभाव होता है तो उसे ऐसे प्रयासों से ही खत्म किया जा सकता है।
सुदर्शन शर्मा, पंचकूला

बढ़ती आबादी की समस्या
तेजी से बढ़ती जनसंख्या देश की सबसे गंभीर समस्याओं में से एक है। बढ़ती आबादी अपने साथ गरीबी जैसी मुसीबत लाती है जिससे कई अन्य समस्याएं पैदा हो रही हैं। कृषि और उद्योग धंधों पर इससे दबाव बढ़ रहा है। संसाधनों के लिए मारामारी हो रही है। शहरों में बढ़ती आबादी के कारण बिजली, सीवरेज, पानी सप्लाई और आवास जैसी नागरिक सुविधाओं का टोटा हो रहा है। आने वाले समय में शहरों और गांवों में भी आबादी का यह दबाव और बढ़ेगा। ऐसे में सरकार को इस ओर ध्यान देना चाहिए। यह विषय सरकार की प्राथमिकता में शामिल होना चाहिए। धार्मिक संस्थाओं आदि की मदद भी ली जानी चाहिए।  
राजवीर सिंह, मोहाली

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