DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

राजनीतिक सहमति से हल हो तमिल समस्या:पीएम

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने शनिवार श्रीलंका सरकार से कहा कि श्रीलंकाई तमिलों के मुद्दे का हल राजनीतिक सहमति और भारत-श्रीलंका समझौते के आधार पर किया जाना चाहिए। डा. सिंह ने यहां कहा कि इस समस्या का हल सैन्य कार्रवाई से नहीं किया जा सकता। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने पृथक तमिल ईलम का समर्थन कभी नहीं किया। भारत इस समस्या का हल संयुक्त और संघीय श्रीलंका के संविधान के ढांचे में रहकर किए जाने के पक्ष में सदैव रहा है। उन्होंने कहा कि तमिल समस्या का निपटारा सैन्य कार्रवाई से नहीं हो सकता। प्रधानमंत्री ने कहा कि तमिलों की आकांक्षाआें को श्रीलंका के संविधान के दायरे में और बातचीत के जरिए शांतिपूर्ण तरीके से पूरा किया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि तमिलों के सभी वगर्ों से बातचीत के जरिए श्रीलंका सरकार को इस समस्या का राजनीतिक हल निकालना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत-श्रीलंका समझौते के 13वें संशोधन के आधार पर विश्वसनीय राजनीतिक हल का क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाना चाहिए और श्रीलंका में तमिलों के प्रांतों को सत्ता हस्तांतरण सुनिश्चित किया जाना चाहिए। डा. सिंह ने कहा कि युद्ध क्षेत्र से बाहर आए तमिलों को तत्काल सहायता और युद्ध क्षेत्र में फंसे नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर लाया जाना चाहिए। डॉ. सिंह ने कहा कि उन्होंने हाल ही में श्रीलंका के तमिलों की सहायता के लिए 100 करोड़ रूपए के पैकेज की घोषणा की थी। उन्होंने कहा कि मैंने विदेश मंत्रालय से तमिलनाडु सरकार के 25 करोड़ रूपए की राशि और केन्द्र सरकार के पैकेज का विवरण तुरन्त तैयार करने को कहा है। हमने निर्वासित किए गए लोगों और पीड़ित तमिलों की दिक्कतंे दूर करने के लिए हाल में कई कदम उठाए हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि युद्ध क्षेत्र में भारत ने अस्पताल स्थापित किया है और राहत शिविरों में रह रहे 3000 से अधिक लोगों का उपचार किया है। उन्होंने कहा कि ऐसा ही एक अस्पताल वावुनिया में शीघ्र ही स्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि तमिलनाडू से राशन, कपड़े और बर्तनों के एक लाख 20 हजार पैकेट भेजे गए हैं। चेन्नई से पचास हजार ऐसे पैकेट शीघ्र ही और भेजे जाएंगे। उन्होंने कहा कि पांच हजार परिवारों के शरण स्थल निर्माण के लिए शीघ्र ही सामग्री भेजी जाएगी। डॉ. सिंह ने कहा कि हमारे भेजे गए दवाईयों के पैकेट और अन्य सहयोग की तमिलों ने बड़ी सराहना की है। डॉ. सिंह ने कहा कि निर्वासित किए गए लोग अपने घरों को लौटना चाहते हैं और हम ऐसे दल भेज रहे हैं जो उनकी घर वापसी में मदद करें। उन्होंने कहा कि भारत श्रीलंका में तमिलों के सम्मानजनक और शांतिपूर्ण जीवनयापन के लिए युद्ध क्षेत्र में राहत और पुर्नवास के वास्ते अतिरिक्त सहायता उपलब्ध कराने को तैयार है। उधर, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने शनिवार को कहा कि मुम्बई हमले के आरोपियों की गिरफ्तारी से पहले पाकिस्तान के साथ भारत संयुक्त वार्ता शुरू नहीं करेगा। डा. सिंह ने यहां कहा कि वार्ता शुरू करने से पहले मुम्बई हमले के अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए पाकिस्तान को सक्रिय कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा कि हमने पाकिस्तान के साथ 26 नवंबर को मुम्बई हमले से पहले पांच वर्ष तक संयुक्त वार्ता की थी। वार्ता शुरू करने से पहले मुम्बई हमले के अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए सक्रिय कदम उठाने की हमारी छोटी से मांग है। यह पूछे जाने पर कि क्या भारत तालिबानों के विरूद्ध स्वात घाटी में शुरू की गई पाकिस्तान की सैन्य कार्रवाई का समर्थन करेगा डा. सिंह ने कहा कि हम तालिबानों के विरूद्ध की जा रही कार्रवाई में पाकिस्तान के विजयी होने की कामना करते हैं यह न केवल पाकिस्तान बल्कि दक्षिण एशिया के भी हित में होगा।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: राजनीतिक सहमति से हल हो तमिल समस्या:पीएम