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अभावों से जूझता डीयू का लॉ कैंपस

विश्वविद्यालय के उत्तरी परिसर में स्थित लॉ कैंपस में जगह और इंफ्रास्ट्रक्चर की भारी किल्लत है जिससे छात्रों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा रहा है हालांकि डीयू का नया कैंपस किंग्जवे कैंप स्थित ढाका में बनाने को मंजूरी मिल चुकी है लेकिन उसे बनने में करीब दो साल का समय लगेगा। ऐसे में छात्रों की परेशानी का कोई फौरन हल नहीं दिखता। बताया जा रहा है कि नया लॉ कैंपस पूरी तरह आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा।

मौजूदा सेंटर फॉर लॉ कैंपस (सीएलसी) में तकरीबन 4600 लड़कों पर लगभग 46 अध्यापक ही है। इस बार सेंटर में 27 फीसदी आरक्षण लागू होने जा रहा है ऐसे में सीटों के बढ़ने के साथ पहले से ही खस्ता हालत इंफ्रास्ट्रक्चर और सुविधाओं पर कोई ध्यान नहीं दिया गया है। आलम ये है कि इंफ्रास्ट्रक्चर और सुविधाओं की तरफ ध्यान देने के बजाए सीलएलसी और प्रशासन एक दूसरे पर आरोप मढ़ रहे हैं। सीएलसी के आला अधिकारियों का कहना है कि हम समस्याओं के बारे में विश्वविद्यालय प्रशासन को कई बार लिख चुके हैं लेकिन प्रशासन का रवैया ढुलमुल रहा है। विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर दीपक पेंटल का कहना है कि सीएलसी की तरफ से समस्याओं को लेकर उन्हें कोई पत्र नहीं मिला है। उनका कहना है कि नॉर्थ कैंपस स्थित सीएलसी की इमारत को लगभग 30-40 साल पहले उस समय छात्रों की संख्या देखते हुए बनवाया गया था लेकिन अब छात्रों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है ऐसे में इंफ्रास्ट्रक्चर और सुविधाओं को तय मानकों के अनुरूप पूरा करने में समय लगेगा। उन्होंने कहा कि नए सेंटर को ढाका में बनने को मंजूरी मिल चुकी है और करीब दो साल में वह तैयार हो जाएगा। इस सेंटर में छात्रों की सभी सहूलियतों को ध्यान में रखा जाएगा।

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  • Web Title:अभावों से जूझता डीयू का लॉ कैंपस