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दूर संचार सेवाओं में पिछडा़ उत्तराखण्‍ड

उत्तराखण्ड परिमण्डल के दूर संचार लेखा नियंत्रण गोपी कृष्ण के अनुसार उत्तराखंड के 75 प्रतिशत शहरी और 90 प्रतिशत ग्रामवासी अब भी टेलीफोन सुविधाओं से वंचित हैं।

प्रदेश की एक प्रतिशत से कम आबादी को ही इण्टरनेट ब्राउबैण्ड सुविधा हासिल हो सकी हैं। यही नही राज्य के 1259 गांवों तक अभी भी दूर संचार सुविधा नही पहुंची हैं। मोबाइल तथा लैण्डलाइन दूर संचार सेवाएं देश के अन्य भागो की तुलना में यहां काफी न्यूनतम स्तर पर हैं।

संचार लेखा नियंत्रक के अनुसार पडो़सी राज्य हिमाचल प्रदेश में जहां 1128 टेलीफोन सर्किल और 1566332 डायरेक्ट एम्क्सचेंज लाइने हैं। वहीं उत्तराखण्ड में मात्र 459 सर्किल और 1276128 डाइरेक्ट एक्सचेंज लाइने ही मौजूद हैं।

इसी तरह हिमाचल के 256 शहरी दूरभाष घनत्व की तुलना में उत्तराखण्ड में घनत्व अब भी 28 ही हैं। हिमाचल का ग्रामीण दूरभाष धनत्व 49 ओर उत्तराखण्ड का घनत्व मात्र 7 हैं।

गोपी कृष्ण ने बताया कि उत्तराखण्ड में भी दूर संचार सेवाओं के विस्तार के बाद पर्यटन फल एवं उद्यान शिक्षा सूचना प्रोदयोगिकी उर्जा उद्योग स्वास्थ्य एवं हास्पिटैलिटी पुष्प उदल्योग वानिकी एवं पर्यावरण औषधि तथा इलैक्ट्रानिक्स के क्षेत्र में द्रुत गति से विकास हो सकेगा।

 

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