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विरोध के साथ विद्यापीठ में होगी परीक्षा की शुरुआत

महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ की 15 अप्रैल से होने वाली परीक्षा की शुरुआत कालेज के शिक्षकों के विरोध के बीच होगी। कालेजों के शिक्षकों की बैठक सम्बद्ध महाविद्यालय शिक्षक एसोसिएशन के बैनर तले रविवार को हरिश्चंद्र पीजी कालेज में हुई बैठक में वाराणसी, चंदौली, मिर्जापुर, सोनभद्र, भदोही और बलिया के महाविद्यालयों के शिक्षकों ने भाग लिया। जिसमें पृथक अध्ययन परिषद, शोध उपाधि समिति, परीक्षा समिति में दो शिक्षक प्रतिनिधियों की सदस्यता, शिक्षक एसोसिएशन के स्वनिर्मित संविधान के निरस्तीकरण और महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ की नवनिर्मित परिनियमावली पर पुर्नविचार आदि मांगो पर चर्चा हुई। सर्वसम्मत से निर्णय लिया गया कि परीक्षा के प्रथम दिन कालेजों के शिक्षक बाहों में काली पट्टी बांधकर परीक्षा कार्य करेंगें। हालांकि बैठक में कई शिक्षकों ने परीक्षा के बहिष्कार करने की भी बात कहीं, लेकिन उस पर आम राय नहीं बनी। शिक्षकों ने यह भी फैसला किया कि विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा सौंपे जाने वाले केंद्राध्यक्ष, पर्यवेक्षक, उडमका दल के संयोजक और सदस्य आदि कार्यों का महाविद्यालयीय प्राध्यापक निर्वाह नहीं करेंगे। वे सिर्फ छात्रहित में प्राचार्य और केंद्राध्यक्ष द्वारा सौंपे गए दायित्वों का निर्वहन करेंगे। शिक्षकों ने 25 मार्च को पूर्वाचल विश्वविद्यालय की परीक्षा के दौरान एलबीएसपीजी कालेज (मुगलसराय) के दो वरिष्ठ प्राध्यापकों और प्राचार्य पर एससी-एसटी लगाने पर नाराजगी व्यक्त की गई। शिक्षकों ने कहा कि अनुचित साधनों के प्रयोग के आरोप में पकड़े गये छात्र की मनगढंत शिकायत पर मुकदमा दर्ज किया गया है। बैठक में अन्य मुद्दों पर भी चर्चा हुई। काशीनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में डा.हरिश्चंद्र सिंह, डा.अशोक कुमार उपाध्याय, डा.बृजेंद्र पांडेय, डा.अमिताभ तिवारी और डा.अरूण कुमार उपाध्याय आदि ने विचार व्यक्त किया। संचालन डा.संजय सिंह ने किया।

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