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विद्यार्थी नहीं अभ्यर्थी जैसा व्यवहार करें

संघ लोक सेवा आयोग के सिविल सेवा व्यक्‍तित्व परीक्षण में अभ्यर्थियों के लिए खुद को अच्छे प्रशासनिक अधिकारी के तौर पर प्रस्तुत करना एक चुनौती होती है। इतिहास विशेषज्ञ एवं सिविल सेवा में छात्रों का मार्गदर्शन करने वाले आनंद एकेडमी के रनीश जैन का कहना है कि इंटरव्यू से पहले हमें अपने आपको जानना होगा। बोर्ड के सामने आपका व्यवहार विद्यार्थियों की तरह नहीं बल्कि अभ्यर्थियों की तरह होना चाहिए। विद्यार्थी और अभ्यर्थी के सूक्ष्म अंतर को समझ लेने में ही आपकी सफलता और असफलता निर्धारित है।

विशेषज्ञ के सुझाव
- पहले स्वयं को जानें। बायोडाटा के आधार पर आपकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि, अभिरुचियाँ एवं उपलब्धियों पर प्रश्नों का समावेश होता है। अपने सबल और दुर्बल पक्ष, दोनों को तैयार रखें।
- अपने माता-पिता के कार्यक्षेत्र एवं उनके नाम, विभाग से सम्बन्धित जानकारी रखें।
- अपने गृह जनपद तथा भौगोलिक, सांस्कृतिक, राजनैतिक संदर्भों की जानकारी रखें।
- गृह राज्य से जुड़ी जानकारी, जननांकीय आँकड़े, शैक्षिक स्थिति, राज्य के पिछड़ेपन के कारण, विकास की संभावनाओं के साथ भौगोलिक, आर्थिक, राजनैतिक, सांस्कृतिक मुद्दों से जुड़े प्रश्न भी तैयार रखें।
- राष्ट्रीय समसामयिक प्रसंगों से जुड़ी बातें आर्थिक, राजनीतिक, सांस्कृतिक परिप्रेक्ष्य के साथ-साथ विभिन्न विषयों पर आपके प्रशासनिक दृष्टिकोण क्या हैं, यह स्पष्ट होना चाहिए।
- अंतरराष्ट्रीय मुद्दों और भारतीय परिप्रेक्ष्य पर आधारित विचारों की भी ढंग से प्रस्तुति होनी चाहिए। जलवायु परिवर्तन एवं भूमण्डलीकरण के मुद्दों पर स्पष्ट विचार हों।

इंटरव्यू के अलग-अलग चरण
1. वेश भूषा
2. शिष्टाचार
3. संवादशैली
4. मनोवैज्ञानिक

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