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संस्कृत विद्यालयों में शीघ्र होंगी नियुक्‍तियाँ

प्रदेश के माध्यमिक शिक्षा निदेशक संजय मोहन ने कहा कि माध्यमिक संस्कृत विद्यालयों में रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्तियाँ होंगी, क्योंकि इसकी प्रकिया शुरू की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि इन विद्यालयों में बेहतर शिक्षण के लिए सभी सुविधाएँ मुहैया होंगी जिससे छात्र-छात्राओं का रुझान इन विद्यालयों की तरफ बढ़े। अभी तो 28 विद्यालयों को अनुदान सूची में शामिल किया जा रहा है लेकिन शीघ्र 46 विद्यालय भी अनुदान सूची में शामिल होंगे। पंचम वेतन आयोग की विसंगतियों को शीघ्र दूर किया जायेगा जिससे कि संस्कृत शिक्षकों को पूरा लाभ मिल सके।

माध्यमिक शिक्षा सचिव संजय मोहन शनिवार को बाघम्बरी गद्दी के महंत विचारानन्द संस्कृत विद्यालय परिसर में माध्यमिक संस्कृत शिक्षक कल्याण समिति के प्रथम दो दिवसीय महाधिवेशन में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि संस्कृत शिक्षा की बाधाओं को दूर किया जा रहा है। प्रदेश के संस्कृत विद्यालयों को शीघ्र नई मान्यता दी जाएगी। नए पाठ्यक्रमों के शीघ्र निर्धारण का कार्य शुरू होगा।

अधिवेशन को एमएलसी डॉ.यज्ञदत्त शर्मा, एडी अमरनाथ वर्मा, विकलांग विश्वविद्यालय के कुल सचिव अवनीश मिश्रा, उप शिक्षा निदेशक पीसी अग्निहोत्री सहित अन्य प्रमुख लोगों ने संबोधित किया। इसके पूर्व समिति के प्रदेश अध्यक्ष परमेश्वर जोशी ने सभी लोगों का स्वागत करते हुए समस्याओं की जानकारियाँ दी। शिक्षा निदेशक ने संस्कृत शिक्षा के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान देने वाले अयोध्या के रामप्रसाद मिश्र, फैजाबाद के शिव कुमार मिश्र, वाराणसी के राजेन्द्र प्रसाद उपाध्याय, बागपत के साधुराम शास्त्री और बस्ती के शालीग्राम त्रिपाठी को सम्मानित किया।

अध्यक्ष महंत नरेन्द्र गिरी ने आशिर्वचन दिया। संचालन मंत्री नागेन्द्र मिश्र और धन्यवाद कोषाध्यक्ष ओम प्रकाश ब्रह्मचारी ने ज्ञापित किया। रविवार को अधिवेशन के समापन समारोह में प्रदेश के कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य और बसपा सांसद कपिलमुनि करवरिया शामिल होंगे। इस दौरान प्रदेश के सूचना अधिकारी दिनेश गर्ग भी मौजूद रहेंगे।

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