अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

‘भगवान करे आप सब चुनाव हार जाएं’

वीं लोकसभा का अंतिम साबित होने जा रहा ‘अंतरिम बजट सत्र’ज्यों ज्यों अपने अवसान के करीब आ रहा है, सदन में सांसदों के बढ़ते शोरगुल, हंगामे और उनके अनियंत्रित व्यवहार को लेकर अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी का पारा आसमान पर चढ़ते जा रहा है। गुरुवार को प्रश्नकाल के दौरान सदस्यों के हंगामा खड़ा करने, अध्यक्ष के निर्देशों की अवहेलना कर आसन के पास आकर नारेबाजी करने से भड॥क से गए श्री चटर्ाी ने एक तरह से आपा खोते हुए सदस्यों को काफी खरी खोटी सुनाई। उन्हें अगले चुनाव में हार का मुंह देखने का ‘श्राप’ भी दिया।ड्ढr ड्ढr श्री चटर्जी ने अनियंत्रित सदस्यों के व्यवहार से क्षुब्ध होकर कहा, ‘‘आपका आचरण निंदनीय है। देश की जनता सब कुछ देख रही है। मैं उम्मीद करता हूं कि लोग आपको पहचान लें और चुनाव में सबक सिखाएं।’’ गुरुवार की सुबह प्रश्नकाल शुरू होते ही भाजपा, सपा बसपा, शिवसेना, डीएमके, पीएमके और एमडीएमके के सांसद अपने स्थानों पर खड़े होकर अनसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति आरक्षण विधेयक का विरोध करते हुए ‘दलित विरोधी सरकार, नहीं चलेगी, नहीं चलेगी’ के नारे लगाने लगे। पांच-सात मिनट के शोर शराबे के बाद कई सदस्य अध्यक्ष के आसन के पास आकर नारेबाजी करते रहे।ड्ढr ड्ढr श्री चटर्जी ने उनके व्यवहार पर नाराजी जाहिर करते हुए कहा कि वे लोग इस विधेयक को पेश किए जाने पर इसका विरोध कर सकते हैं। लेकिन सदस्यों ने उनकी एक न सुनी और नारेबाजी करते रहे। 15 मिनट तक लगातार नारेबाजी और शोरशराबा जारी रहने पर व्यथित होकर वह बोल उठे,‘‘मेरे विचार में सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी जानी चाहिए। आपको संसद में आने का भत्ता नहीं मिलना चाहिए। आपको जनता के धन में से एक भी पैसा नहीं दिया जाना चाहिए। आप इसके हकदार नहीं हैं। इसके बाद उन्होंने सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: ‘भगवान करे आप सब चुनाव हार जाएं’