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स्मारक के लिए सुरक्षाबल भर्ती करना संविधान की अवहेलनाः सपा

उत्तर प्रदेश विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता शिवपाल सिंह यादव ने शनिवार को कहा कि स्मारकों की सुरक्षा के लिए विशेष बल के गठन संबंधी विधेयक को राज्यपाल की मंजूरी नही मिली। इसके बावजूद राज्य की मायावती सरकार ने भूतपूर्व सैनिकों की भर्ती का फैसला करके संविधान को तार तार कर दिया हैं।

यादव ने कहा कि यह सरकार सभी वैधानिक प्रक्रियाओं को तिरस्कृत कर अपनी मनमानी और अधिनायकशाही पर उतारू हो गई हैं। उन्होंने कहा कि इस सरकार ने नैतिकता, लोकमर्यादा अथवा संवैधानिक नियमों परम्पराओं का पालन करना सीखा ही नही है।

लोकतंत्र में उसका विश्वास नहीं है। ऐसे में उत्तर प्रदेश में जिस तरह से असंवैधानिक काम हो रहे हैं। केन्द्र को उस पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि मायावती सरकार ने फिजूलखर्ची और जनता की गाढी़ कमाई लुटाने का रिकार्ड कायम किया हैं। नहरों में पानी नहीं हैं और बिजली संकट गहरा होता जा रहा हैं। अनुत्पादक खर्च बढे़ हैं। हर तरफ कमीशनखोरी और भ्रष्टाचार का आलम हैं।

उन्होंने कहा कि स्मारकों के निर्माण पर अरबों रूपया लुटाने के बाद अब इनकी सुरक्षा के नाम पर 8 करोड़ रूपया सालाना खर्च बढा़या जा रहा हैं।

यह स्मारक, पार्क प्रतिमाएं सब एक दल विशेष से ही संबंधित हैं। राज्यपाल महोदय को इस लूटकांड की जांच करानी चाहिए।

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