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संघटक डिग्री कॉलेजों में हो पीजी की पढ़ाई

इलाहाबाद विश्वविद्यालय की स्नातक प्रवेश परीक्षा (यूजीएटी) के निदेशक पद पर परीक्षा नियंत्रक प्रो. एचएस उपाध्याय की तैनाती के विरोध में छात्रों ने अपना आंदोलन शुक्रवार को भी जारी रखा। छात्रों ने कंपनी बाग स्थित चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा के सामने धरना दिया। इस मौके पर हुई सभा में छात्रों ने निदेशक की नियुक्ति पर विरोध दर्ज कराने के साथ ही इविवि के संघटक महाविद्यालयों में परास्नातक की पढ़ाई शुरू कराने की मांग भी की। छात्रों का कहना था कि किसी भी संघटक महाविद्यालय में परास्नातक की पढ़ाई न होने के कारण स्नातक उत्तीर्ण छात्रों को आगे की पढ़ाई में काफी दिक्कत होती है। इविवि में दाखिला न मिलने पर छात्रों को कानपुर या पूर्वांचल विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों में दाखिला लेना पड़ता है।

छात्र नेता अभिषेक यादव, विजय मिश्र ने इविवि प्रशासन से मांग की है कि इसी सत्र से संघटक महाविद्यालयों में पीजी की कक्षाएं संचालित कराई जाएं। छात्रों ने प्रवेश पाने वाले छात्रों से सभी विभागों में ली जाने वाली इनरोलमेंट फीस को समाप्त करने की भी मांग उठाई है। इविवि तथा संघटक महाविद्यालयों के प्रत्येक विभाग में इनरोलमेंट के नाम पर छात्रों से 10 से 150 रुपये तक लिए जाते हैं। छात्र नेता मुकुंद लाल मौर्य तथा मनोज यादव का कहना है कि इनरोलमेंट फीस लेना कत्तई उचित नहीं है। इसे समाप्त किया जाना चाहिए। छात्रों ने तय किया है कि अगर 24 घंटे के भीतर प्रो. उपाध्याय को यूजीएटी के निदेशक पद से नहीं हटाया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। सोमवार से छात्र हस्ताक्षर अभियान भी चलाएंगे। इस मौके पर संजीत पांडेय, शेष नारायण ओझा, आशुतोष यादव, ज्ञान प्रताप शुक्ल, विवेक सिंह, ज्ञान प्रताप सिंह, रवि सिंह, प्रतीक शर्मा, शौर्य प्रताप सिंह, मनोज यादव, प्रवीण शुक्ला, मुकेश शुक्ला, धीरज सिंह, जेपी सिंह, उमेंद्र प्रताप सिंह सहित कई छात्र उपस्थित थे।

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