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वेस्ट की निजी क्रीम बनाम ईस्ट के सरकारी कालेज

यूपी में नए प्राविधिक विश्वविद्यालय के श्रीगणेश के साथ ही मेधा का बंटवारा भी शुरू हो गया है। अगले सत्र की इंजीनियरिंग क्लासरूम में पूरब और पश्चिम की बार्डर लाइन आसानी से नजर आएगी। मई के पहले सप्ताह में फर्स्ट ईयर-टू फाइनल ईयर फेकेल्टी और छात्रों के समूचे ई-बंटवारे की इबारत लिख दी जाएगी। इसके साथ एक्सीलेंस दर्जे में शामिल टाप निजी इंजीनियरिंग कालेजों की मेधा नोएडा के प्राविधिक विश्वविद्यालय से जुड़ जाएगी जबकि प्रदेश के मध्य और पूर्व क्षेत्र के 13 मंडलों में गिनती के ही टाप कालेज एसईई-2010 काउंसिलिंग में प्रतिभाओं की च्वाइस बन सकेंगे। यानी एचबीटीआई कानपुर, आईईटी लखनऊ और एमएमईसी गोरखपुर समेत सरकारी संस्थानों की सीमित च्वाइस से ही टापरों को संतोष करना होगा। वहीं नोएडा में मौजूद कारपोरेट कंपनियों के लिए मानव संसाधन की उपलब्धता थोड़ी और आसान हो जाएगी। शासन जल्द ही परिसम्पत्तियों के बंटवारे पर अंतिम मुहर लगाएगा।

विशेषज्ञों के अनुसार यूपीटीयू के बंटवारे के साथ आईबीएम, इनफोसिस जैसी मल्टीनेशनल कंपनियों के लिए प्रोफेशनल्स के चुनाव के लिए ज्यादा और आसान विकल्प होंगे। नोएडा, गाजियाबाद में कारपोरेट दफ्तरों और निजी इंजीनियरिंग कालेजों की लम्बी चौड़ी फेहरिस्त से प्रस्तावित नई यूनिवर्सिटी के लिए कैम्पस इंटरव्यू की राह आसान होगी जबकि उत्तर प्रदेश प्राविधिक विश्वविद्यालय लखनऊ में शामिल 200 में से कानपुर, लखनऊ और बरेली के चंद निजी कालेज फेवरेट लिस्ट में होंगे। वहीं अन्य कालेजों की खस्ताहाल फेकेल्टी और छात्रों के लिए समस्याएं बढ़ेंगी। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक दोनों विश्वविद्यालयों का बंटवारा पहले सेमेस्टर से फाइनल सेमेस्टर तक एक साथ होगा। नोएडा से संबद्ध होने वाले तकनीकी और प्रबंधन संस्थानों का यूपीटीयू लखनऊ से अगले सत्र में कोई लेना देना नहीं होगा जबकि वर्ष 2011 की संयुक्त प्रवेश परीक्षा का आयोजन भी नोएडा विश्वविद्यालय ही करेगा।

मेधा का भी बंटवारा
- नए सत्र से पहले हो जाएगा यूपीटीयू नोएडा-लखनऊ का बंटवारा
300 कालेजों के दो लाख छात्रों का पूरा रिकार्ड जाएगा नोएडा
टाप निजी कालेज नई टेक्नीकल यूनीवर्सिटी में शामिल होंगे
एचबीटीआई कानपुर समेत पांच सरकारी कालेजों का बढ़ेगा दायित्व
कारपोरेट कंपनियों के लिए आसान होगी प्रोफेशनल्स की उपलब्धता
यूपी के 13 मंडलों के ज्यादातर बी ग्रेड कालेज जुड़ेंगे यूपीटीयू लखनऊ से

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पश्चिम में निजी कालेजों का हाईटेक जलवा
काइट, गाजियाबाद
जेएसएस, नोएडा
एकेजी, गाजियाबाद
गलगोटिया, ग्रेटर नोएडा
इंद्रप्रस्थ, गाजियाबाद
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पूरब में सरकारी कॉलेजों की साख बरकरार
एचबीटीआई, कानपुर
आईईटी, लखनऊ
एमएमईसी, कानपुर
केएनआईटी, सुल्तानपुर
बीआईईटी, झांसी
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कुल छात्रों की संख्या : लगभग तीन लाख
प्रदेश में तकनीकी संस्थान : करीब 600
पश्चिम जाने वाले मंडलों की संख्या - 5
(मेरठ, सहारनपुर, मुरादाबाद, आगरा और अलीगढ़)
कालेजों की संख्या- 300 से ज्यादा
छात्रों की संख्या - लगभग दो लाख
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पूरब में रहने वाले मंडलों की संख्या - 13
(कानपुर, लखनऊ, बरेली, चित्रकूट, झांसी, गोरखपुर, बस्ती, देवीपाटन, बनारस, फैजाबाद, इलाहाबाद, मिर्जापुर, आजमगढ़)
कालेजों की संख्या - करीब 200
छात्रों की संख्या- लगभग एक लाख

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  • Web Title:वेस्ट की निजी क्रीम बनाम ईस्ट के सरकारी कालेज