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आधे प्रश्न भी सही हुए तो सफलता तय

इंजीनियरिंग की प्रवेश परीक्षाएँ 11 अप्रैल से आईआईटी जेईई के साथ शुरू हो रही हैं। विशेषज्ञ का मानना है कि प्रतियोगी अंतिम समय में अधिक माथापच्ची न करें, आधे प्रश्न भी हो गए तो सफलता निश्चित है। ‘हिन्दुस्तान’ ने प्रतिभागी छात्रों के लिए अब तक भौतिकी एवं रसायन विज्ञान के विशेषज्ञों के सुझाव उपलब्ध कराए हैं। इसी कड़ी में आज गणित के लिए जरूरी टिप्स दिए जा रहे हैं।

गणित विशेषज्ञ संजीव श्रीवास्तव का कहना है कि आईआईटी प्रवेश परीक्षा में माइनस मार्किंग है इसलिए सभी प्रश्न हल करने के फेर में अपना नुकसान न करें। आधे प्रश्न सही होने पर भी सफलता मिल सकती है। उन्होंने कहा कि परीक्षा के पूर्व तनाव पालना परीक्षार्थियों के लिए ठीक नहीं है। निगेटिव मार्किंग को देखते हुए यदि 50 प्रतिशत भी सही प्रश्न हो गए तो अच्छी रैंक मिल सकती है। उनका कहना था कि पैसेज वाले प्रश्न सबसे पहले हल करें। तीनों भाग पर बराबर ध्यान दें। सूत्रों का निगमन, डिफिनिट इंटीग्रेशन एवं उसका अनुप्रयोग, थ्री-डाइमेंशन, वेक्टर कॉम्प्लेक्स, सर्किल, स्ट्रेट लाइन, एरिया, काम्प्लेक्स नम्बर, डिटरमिनेंट, प्रायिकता, त्रिकोणमिति के प्रश्नों को अच्छी तरह से हल कर लें।

ध्यान रखें
निर्देशांक ज्यामिति, त्रिकोणमिति, सदिश विश्लेषण, थ्री-डाइमेंशन के प्रश्न आसान होते हैं इसलिए सबसे पहले परीक्षार्थियों को परीक्षा कक्ष में इन्हीं प्रश्नों को हल करना चाहिए। महत्वपूर्ण सूत्रों को दोहराने की भी आवश्यकता है। कैलकुलस के लिए फंक्शन का अध्ययन आवश्यक है। अधिकतर प्रश्नों में फंक्शन का ही प्रयोग होता है। मार्डन अल्जेब्रा में भी अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है।

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