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जरदारी का राष्ट्रपति बनना मेरे लिए गहरा आघातः फातिमा

जरदारी का राष्ट्रपति बनना मेरे लिए गहरा आघातः फातिमा

पाकिस्तान की पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत बेनजीर भुट्टो की भतीजी और लेखिका फातिमा भुट्टो का कहना है कि जिस दिन जरदारी ने राष्ट्रपति पद की शपथ ली उस दिन मेरा खून सूख गया था।

उन्होंने अपनी किताब में लिखा है कि जरदारी का शपथ ग्रहण समारोह 19 सितंबर, 2008 को तय हुआ था, लेकिन बाद में जरदारी ने उसको आगे बढ़ाकर 20, सितंबर कर दिया। ठीक उसी दिन जिस दिन मेरे पिता को हत्या हुई थी।

उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान के वर्तमान राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी पर मुर्तजा भुट्टो की हत्या की साजिश रचने का आरोप लगा था। लेकिन उन पर कोई भी आरोप अदालत में साबित नहीं हो पाया था और वह बरी हो गए थे।

फातिम ने आगे लिखा है कि पिता मुर्तजा भुट्टो की हत्या सहित उनके परिवार के साथ कई दर्दनाक वारदातें हुई लेकिन इन सब आघातों को सहने के बावजूद वह कभी अपना मुल्क नहीं छोड़ सकतीं।

इन दिनों फातिमा अपनी पुस्तक 'सांग्स ऑफ ब्लड एंड स्वार्ड' को लेकर चर्चा में हैं। इस किताब में वह लिखती हैं, ''इन सभी भयावह और दर्दनाक यादों के बीच ऐसा महसूस होता है कि दुनिया टुकड़े-टुकड़े हो रही है और मुझसे दूर भाग रही है।''

उन्होंने लिखा है, ''कभी-कभी ऐसा लगा कि पाकिस्तान के लिए मेरे दिल में अब कुछ नहीं बचा। मैं अब इसे अब प्यार नहीं कर सकती। परंतु कुछ घंटे बीतते ही मैं सो जाती हूं और फिर चिड़ियों की आवाज सुनती हूं। यह जानती हूं कि मैं कभी पाकिस्तान नहीं छोड़ सकती।''

उल्लेखनीय है कि बेनजीर के भाई और फातिमा के पिता मुर्तजा की 20 सितंबर, 1996 को कराची में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उस वक्त फातिमा 14 साल की थीं।

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