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शट डाउन की सूचना न देने से जलकल अधिकारी खफा

रूटीन के पावर कट के अलावा घंटों-घंटो के अतिरिक्त शटडाउन की सूचना तक न देने से जलकल अधिकारी पावर अफसरों से खफा हैं। पावर अधिकारियों के इस ढ़लमुल  रवैये से अब अप्रैल का पहला सप्ताह जलापूर्ति पर भारी पड़ेगा। खासकर बहुमंजिले इमारतों व अपार्टमेंटों में रहने वालों को पानी की समस्या से कुछ ज्यादा ही दो चार होना पड़ेगा। ऐसे में जलापूर्ति करने में नगर निगम को और परेशानी आएगी। पावर कारपोरेशन द्वारा आज से चार दिनों की घंटों की कटौती के बारे में कोई सूचना पहले ने देने से जलकल अफसर खासे परेशान हैं। उनका तर्क है कि पावर अफसरों को अचानक कटौती करने के बारे में अगर एक-दो दिन पहले सूचना मिल जाए तो पहले से ही जलापूर्ति के लिए वैकल्पिक व्यवस्था को पुख्ता किया जा सकता है,फिर कट शुरू होने से पहले नलकूपों को कुछ घंटे अतिरिक्त चलाकर भी पानी को स्टोरेज कर जलापूर्ति दी जा सकती है। लेकिन पावर अफसर अमूमन ऐसा नही करते और अखबारों के माध्यम से ही ऐन वक्त पर जानकारी मिलती है।

पावर अफसरों के इस रवैये से आज से फिर शहर के कई इलाकों में पेयजल संकट बढ़ सकता है। कालोनियों की जलापूर्ति प्रभावित होने से गमी के मौसम में निगम की खूब किरकिरी होती है। वैसे ही शुरूआती गर्मी में पूरा लाइनपार इलाके के अलावा आधा दजर्न अन्य कालोनियों में पेयजल संकट गहरा रहा है। ट्रांस हिंडन के भी कुछ इलाके के लोग पानी को लेकर बेहाल हैं। ऐसे में शुक्र वार से चार दिनों तक रोजाना सुबह सात से दोपहर के दो बजे तक पावर कट होने से कई और कालोनियों में पेयजल संकट गहराने के आसार हैं। क्योंकि इसके अलावा शाम और देर रात के रूटीन कट भी होंगे। तो निगम जलापूर्ति कैसे कर सकेगा। जलकल अफसर भी मानते हैं कि ऐसे में पानी किल्लत बढ़ जाएगी। फिर सुबह के समय अगर निगम द्वारा आपूर्ति देने की स्थिति में भी लोग मोटर कैसे चला पाएंगे? बगैर मोटर पम्प के बहुमंजिले अपार्टमेंटों में पानी नही पहुंचेगा।

ऐसे में कालोनियों में पानी की समस्या के साथ-साथ निगम अफसरों की मुश्किलें भी बढ़ जाती है। बता दें कि मुरादनगर से साहिबाबाद लाइन को बदलने के लिए आज से रोजाना चार दिनों तक दिन में पावर कट रहेगी।
‘पावर कारपोरेशन वाले अतिरिक्त शट डाउन या लाइन में बड़ी खराबी होने से व्यवधान के बारे में कभी भी निगम को जानकारी नहीं देते,शुक्रवार दो अप्रैल से चार दिनों तक लगातार सुबह सात बजे से दोपहर के दो बजे तक जो शटडाउन लिया गया है,इसकी जानकारी उन्हें तक अखबारों से मिली। ऐसे में पेयजल आपूर्ति में बाधा पहुंचना स्वाभाविक है। अगर पहले सूचना मिल जाए तो निगम एक दिन पहले से ही कमर कस लें।’
                                                                     निगम के जीएम जल बाबूलाल अमरेन्द्र कुमार।

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