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बिजली के दाम बढ़े, उपभोक्ताओं में रोष

प्रदेश के विद्युत नियामक आयोग बिजली के दाम बढ़ाए जाने को लेकर शहरी उपभोक्ताओं में रोष व्याप्त है। सभी वर्गो के उपभोक्ताओं ने इसे जनविरोधी बताया और मांग की है कि इतनी बढ़ोत्तरी गलत है। इस कम किया जाए।
प्राइवेट फर्म में साढ़े सात हजार रुपए के मासिक वेतन पर नौकरी कर रहे विजय कुमार ने बताया कि पावर कारपोरेशन ने पहले ही शहरी उपभोक्ताओं को दो किलोवाट का कनेक्शन देकर तथा रेट ज्यादा कर उनकी आर्थिक व्यवस्था गड़बड़ा रखी है। अब बिजली और महंगी हो जाने से उनका तो बजट बिगड़ जाएगा। बिना बिजली के गुजारा भी नहीं है। विजय का कहना है। इसे आपके लोगों के विभाग कम दर पर बिजली दें। जबकि ज्यादा आय वाले उपभोक्ताओं को अलग दर से बिजली दे।

गृहणी रजनी ने कहा कि एक तो पहले से ही महंगाई ने रूला रखा है। अब बिजली भी महंगी हो जाने से तो लगता है कि उन्हें तो बिजली से चलने वाले सामान घर से हटाने पड़ेंगे और हाथ से चलने वाली मशीन व पुराने तरीके अपना कर काम करना पड़ेगा। व्यापारी नेता संजय अग्रवाल ने कहा कि बिजली महंगी हो जाने से व्यापारी व उद्यमी पर भी भार बढ़ेगा। जिससे पूरी जनता को महंगा सामान मिलेगा। बढ़े दाम ग्राहक से ही वसूले जाएंगे। इससे व्यापार पर भी असर पड़ेगा। बिजली के दाम के बढ़ने से होटल, लॉज के किराए, केबिल, टीवी का किराया समेत स्कूलों की फीस आदि भी बढ़ेगी। इस बढ़ी दर से हर कोई आहत होगा।


इन सभी की सरकार से मांग है कि बिजली के दाम एक साथ इतने नहीं बढ़ाए जाने चाहिए। इन्हें कम किया जाए अन्यथा यहां से उद्यमी भी पलायन करने को मजबूर होंगे। भाजपा नगराध्यक्ष मूलचंद त्यागी ने प्रदेश सरकार से बढ़े रेट लागू न करने की मांग की है तथा इसके विरोध में आंदोलन करने की घोषणा की है। सपा नगराध्यक्ष इकबाल कुरैशी व कांग्रेस शहराध्यक्ष अयाजुद्दीन, रालोद शहराध्यक्ष शकील फारूकी आदि ने विज्ञप्ति जारी कर बिजली के दाम कम किए जाने की मांग की है।

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