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‘दिल्ली के 5 लाख वंचित बच्चे भी अब शिक्षित होंगे’

दिल्ली के वे पांच लाख बच्चे भी अब शिक्षित हो पाएंगे जो विभिन्न कारणों से स्कूल का मुंह भी नहीं देख पाते थे। अब न तो उन्हें कोई मजबूरी रोक पाएगी और न ही अभिभावक शिक्षा के उनके अधिकार को छीन पाएंगे।

डीसीपीसीआर (दिल्ली कमीशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट्स) के अध्यक्ष व वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी आमोद के कंठ ने बच्चों को नि:शुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा अधिकार (आरटीआई) अधिनियम पारित होने के उपलक्ष्य में बातचीत की। अब बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करने का मौका किसी शिक्षा माफिया या लापरवाह शिक्षक को भी नहीं दिया जाएगा, क्योंकि स्कूलों की प्रबंधन समिति में 75 प्रतिशत सदस्य बच्चों के अभिभावक होंगे।

डीसीपीसीआर मुख्यालय में बातचीत के दौरान उन्होंने कुछ व्यावहारिक मुश्किलों पर भी विचार किया, लेकिन इस अधिनियम को ऐतिहासिक बताया और कहा कि इससे बच्चों की सुरक्षा और उसके विकास में सहयोग मिलेगा। उन्होंने इसकी सफलता के लिए स्कूल तक लाने के लिए समाजसेवी संस्थाओं और महिलाओं को जोड़ने की आवश्यकता बताई। अधिनियम के तहत शामिल तमाम योजनाओं को सर्व शिक्षा अभियान के साथ जोड़कर देखने की जरूरत है। इसे लागू करने की चुनौती हमारे सामने है जिसे हम सब को मिलकर स्वीकार करना है।

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