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कीमत चुकाते-वसूलते बिग बी

कीमत चुकाते-वसूलते बिग बी

फिल्मी सितारों को मिलने वाली लोकप्रियता जहां उनके बाजार भाव बढ़ाती है, वहीं इस लोकप्रियता की भारी कीमत भी बहुत बार उनको चुकानी पड़ती है। इसके उदाहरण जब-तब सामने आते रहते हैं। इनमें सबसे ताजा मामला है बिग बी यानी अमिताभ बच्चन का। आजकल राजनीति करने वाले उनकी क्लास ले रहे हैं। अपनी पूरी क्षमता से वे भी मैदान में डटे हैं और हर बाउंसर का जवाब भी बखूबी दे रहे हैं। हालांकि वे राजनीति से परहेज करने का दावा करते हुए बहुत पहले इस मैदान से पलायन कर चले गए थे, पर अब परिदृश्य कुछ दूसरा ही है। एक के बाद एक वे राजनीति करने वालों के काम आ रहे हैं, भले ही इसका कारण कतई राजनीतिक न भी हो। 
कांग्रेस से किनाराकशी करने के बाद सबसे पहले उन्हें अमर सिंह की दोस्ती के चलते समाजवादी पार्टी खेमे में पक्षधरता करते महसूस किया गया था। उन्होंने सपा के पक्ष में एक विज्ञापन क्या कर दिया, हंगामा-सा उठ गया। तब लोग उस विज्ञापन की दावेदारी से सहमत नहीं थे। अमिताभ के करोड़ों फैन्स को भी यह रास नहीं आया था। इसके बाद जया बच्चन खुल कर राजनीति में आईं तो राज्यसभा की सांसद भी हो गईं। कांग्रेस से तब जाहिरन उनके रिश्ते और भी तुरशी वाले हो गए। दूसरी बार तब लोगों को उनका रवैया नागवार गुजरा, जब वे बाल ठाकरे के समक्ष गैरजरूरी तौर पर नतमस्तक हो गए। संकीर्ण सियासत के सामने उनका यह समर्पण लोगों को पसंद नहीं आया था। तीसरी बार उनका गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के करीब जाना भी देश-विदेश के करोड़ों फैन्स को पसंद नहीं आया है। बावजूद इसके वे अपने ब्लॉग पर दिल की तमाम भड़ास निकालते हैं और हर उठती बात का अपनी तरह से जवाब भी देते हैं। अब भाजपा के कई नेता उनके समर्थन में उसी तरह बयानबाजी कर रहे हैं, जैसे अकसर पूर्व सपा नेता अमर सिंह करते आ रहे हैं। इन सबके बीच अमिताभ अपनी और अपने परिवार की लोकप्रियता की बड़ी कीमत भी कई बार चुकाते हैं। इसका एक नमूना तब सामने आया, जब एक मीडिया समूह ने ऐश्वर्या के बारे में गलत खबर जारी कर दी थी।

इस बीच अभिनेता आमिर खान हाल ही में जब दिल्ली आए तो उन्होंने अमिताभ को लेकर चल रहे विवाद पर कोई भी टिप्पणी करने से साफ इनकार कर दिया। ठीक उसी तर्ज पर, जिसके चलते शाहरुख के समर्थन में शिवसेना के खिलाफ बोलने से खुद अमिताभ ने मना कर दिया था। शाहरुख खान का जब मामला बढ़ा तो उन्होंने भी तो अपनी लोकप्रियता की कीमत देश-विदेश में फैले अपने करोड़ों फैन्स के समर्थन से वसूल की थी। फिल्म कामयाब रही और शिवसेना व राजठाकरे की छीछालेदार भी खूब हुई। सवाल यही है कि जब आप बेहद लोकप्रिय होते हैं तो आपके हर अच्छे-बुरे फैसले पर भी लोगों की प्रतिक्रिया होती है, चाहे वह फैसला कितना ही व्यक्तिगत क्यों न हो। सानिया का शोएब से निकाह का फैसला व्यक्तिगत होने पर भी देश में चर्चा और प्रतिक्रिया का विषय तो है ही। इसी तरह जब अमिताभ गुजरात के एंबेसेडर बनते हैं तो इस पर लोगों की राय वे अकेले नहीं बदल सकते। जाहिर है कि इसका बुरा असर उनकी स्टार पावर पर पड़ता है। उन्हें विचार करना चाहिए कि जब वे बिना विचारे रण जैसी फिल्में करते हैं तो उनका बुरा हश्र क्यों होता है। ऐसे ही मीडिया पर फिल्म बनाने से पहले आमिर खान लंबी-तगड़ी रिसर्च करने की जरूरत महसूस कर रहे हैं।

बात बस इतनी सी ही है कि क्यों कोई भी फैसला लेने से पहले अमिताभ अपनी सार्वजनिक छवि की चौतरफा चिंता नहीं करते। उनके सही फैसलों पर उनकी गर्व-रस पीने की प्यास को अमिताभ बच्चन मखौल में नहीं ले सकते। जिन करोड़ों लोगों के बीच अपनी लोकप्रियता की कीमत को वे हर काम और विज्ञापन के जरिए वसूलते हैं, उनको भी इतना तो हक है ही कि बिग भी सही और बेहतर फैसले लेकर उनकी आकांक्षाओं पर खरे उतरते जाएं। इस मामले में वे शाहरुख व आमिर से सीख सकते हैं।

अमिताभ की तीन चूक

बिग बी की पहली बड़ी चूक थी कि अमर सिंह की दोस्ती के चलते उन्होंने सपा सरकार के पक्ष में एक ऐसा विज्ञापन बिना जांच-परख के किया, जिस पर लोगों का कतई ऐतबार नहीं था।

दूसरी बार वे तब लोगों की नब्ज नहीं पकड़ पाए, जब पत्नी जया के एक सही बयान पर बाल ठाकरे के समक्ष गैरजरूरी तौर पर वे नतमस्तक हो गए।

तीसरी बार एक चूक उनकी गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के करीब जाने की भी है, जिसे देश-विदेश में मौजूद उनके करोड़ों फैन्स पसंद नहीं कर रहे हैं। ऐसी तो कोई मजबूरी उनकी नहीं है कि सांप्रदायिक सरकार का एंबेसेडर बने बिना उनका गुजारा नहीं हो रहा था, जबकि उनके फैन्स में भी करोड़ों मुसलमानों की तादाद पूरी दुनिया में है।

बॉलीवुड में भी चयन की दृष्टि से उनकी 3 फिल्में बड़ी

ये 3 चूक पूरी फिल्मी हैं

चूक वाली रही हैं, जिनके लिए उनको फैन्स ने माफ नहीं किया। ये हैं फिल्म रण, अक्स और मृत्युदाता।

फैन्स हों तो ऐसे

अमिताभ बच्चन के प्रति उनके करोड़ों फैन्स ने हर दुख-सुख के मौके पर उनका कितना साथ दिया, इसका नजारा कई बार सामने आया है। फिल्म कुली की शूटिंग के दौरान जब वे घायल हुए तो लोगों ने उन्हें खून देने की पेशकश से लेकर मंदिरों और मस्जिदों में कितनी ही दुआएं की थीं। बाद में भी जब वे बीमार हुए तो उनके लिए देश-विदेश में फैन्स ने तरह-तरह से दुआएं की, यज्ञ-हवन भंडारे भी किए। वे पिछले दिनों जब अस्पताल पहुंचे, तब भी पूरे देश के मीडिया पर हर घंटे लोगों ने उनकी सेहत की खबर ली। अप्सरा अवॉर्ड तो उनके नाम से ही पूरी दुनिया का सबसे मशहूर बॉलीवुड अवॉर्ड बन गया है, जो ऑस्कर के मुकाबले खड़ा होने की दौड़ में दिखने लगा है। फिर केबीसी से बिग बॉस तक उनका जलवा भी तो इन्हीं करोड़ों फैन्स के रहमोकरम पर टिका है। इनकी भावनाओं को वे कैसे नकार सकते हैं!

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