DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

शिक्षा अधिकार देने वाले 135 देशों की सूची में भारत

शिक्षा अधिकार देने वाले 135 देशों की सूची में भारत

शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने के बाद भारत उन 135 देशों की सूची में शामिल हो गया है जो बच्चों को नि:शुल्क और आवश्यक शिक्षा उपलब्ध कराने की कानूनी गारंटी प्रदान करते हैं।

यूनेस्को की एजुकेशन फॉर आल ग्लोबल मॉनिटरिंग रिपोर्ट-2010 के अनुसार दुनिया में लगभग 135 देशों में सबको नि:शुल्क और भेदभाव रहित शिक्षा प्रदान करने के लिए संवैधानिक प्रावधान हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि नि:शुल्क शिक्षा की कानूनी गारंटी के बावजूद कुछ देशों में प्राथमिक स्कूल लगातार शुल्क वसूल रहे हैं।

इसमें विश्व बैंक द्वारा 2005 में किए गए एक सर्वेक्षण का जिक्र किया गया है, जिसके अनुसार दुनिया के सिर्फ 13 देश ही ऐसे हैं जहां पूरी तरह नि:शुल्क शिक्षा मिलती है। बच्चों को पंद्रह साल तक पूरी तरह नि:शुल्क शिक्षा मुहैया कराने के मामले में चिली सबसे शीर्ष स्थान पर है। यह देश छह से 21 साल की उम्र तक के बच्चों को पूरी तरह मुफ्त और आवश्यक शिक्षा मुहैया कराता है।

इस लातिन अमेरिकी देश में दो दशक पहले प्रांरभिक शिक्षा की स्थिति अत्यंत खराब थी, लेकिन इसने 1990 में विशेष शिक्षा कार्यक्रम कार्यान्वित किया, जिसके चलते प्राथमिक और उच्च प्राथमिक शिक्षा में काफी सुधार आया है।
  जर्मनी, बेल्जियम, इटली और नॉर्वे जैसे सात देश ऐसे हैं, जहां स्कूली अवधि में बच्चों को मुफ्त और आवश्यक शिक्षा मुहैया कराने के लिए प्रावधान हैं। ब्रिटेन और न्यूजीलैंड जैसे देशों ने बच्चों के लिए 11 साल की अवधि तक नि:शुल्क और आवश्यक शिक्षा का प्रावधान कर रखा है।

स्पेन, फ्रांस, नॉर्वे और कनाडा उन 19 देशों की सूची में शामिल हैं, जहां पांच से 15 या 16 साल की उम्र तक के बच्चों को मुफ्त शिक्षा दी जाती है। रिपोर्ट के अनुसार जापान, फिनलैंड, रूस और स्वीडन सहित 34 देशों में बच्चों को नौ साल की अवधि तक आवश्यक शिक्षा मिलती है। भारत में शिक्षा का अधिकार कानून छह से 14 साल तक के बच्चों को नि:शुल्क और आवश्यक स्कूली शिक्षा मुहैया कराने की बात कहता है जो 1 अप्रैल से प्रभाव में आया है।

अफगानिस्तान, चीन और स्विटजरलैंड सहित 20 देश ऐसे हैं जहां आठ साल तक मुफ्त और आवश्यक शिक्षा की गारंटी देने वाले प्रावधान हैं। भारत के श्रीलंका और पाकिस्तान जैसे पड़ोसी देशों में मुफ्त शिक्षा प्रदान करने वाला कोई कानून नहीं है, जबकि बांग्लादेश और म्यांमार में चार साल की अवधि तक और नेपाल में पांच साल तक आवश्यक स्कूली शिक्षा मुहैया कराने का प्रावधान है।

रिपोर्ट के अनुसार रोमानिया और ब्राजील सहित सात देशों में बच्चों को सात साल तक आवश्यक शिक्षा मुहैया कराने का प्रावधान है तो फिलीपीन्स और जॉर्जिया सहित पांच देश छह साल तक बच्चों को शिक्षा का कानूनी अधिकार प्रदान करते हैं।
   सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, इराक और आठ अन्य देशों में बच्चों को पांच साल की अवधि तक नि:शुल्क शिक्षा उपलब्ध कराने का कानून है।

हालांकि अमेरिका, दक्षिण अफ्रीका और मलेशिया सहित 50 से अधिक देश ऐसे हैं जहां बच्चों को मुफ्त और आवश्यक शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए कोई संवैधानिक प्रावधान नहीं है। रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि कुछ देशों ने अपनी शिक्षा व्यवस्था में जबरदस्त प्रगति हासिल की है और विश्वभर में 1999 से लेकर अब तक स्कूल बीच में ही छोड़ देने वाले विद्यार्थियों की संख्या में तीन करोड़ 30 लाख करोड़ की कमी आई है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:शिक्षा अधिकार देने वाले 135 देशों की सूची में भारत