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गंभीर की वापसी से टीम की भी किस्मत बदली

गंभीर की वापसी से टीम की भी किस्मत बदली

आईपीएल का सीजन-थ्री अब निर्णायक मध्य चरण में पहुंच गया है। यह ऐसा चरण है जहां टीमें अच्छे से अच्छा परफॉर्म कर टूर्नामेंट की फाइनल-4 में पहुंचने की जोर-आजमाइश करेंगी। दिल्ली ने टूर्नामेंट के दूसरे हाफ की शुरुआत बेहतर की है। यहां इसने अपने दो घरेलू मैच जीते हैं। यह संयोग ही है कि चोट के बाद दिल्ली डेयरडेविल्स के कप्तान गौतम गंभीर की वापसी से टीम की किस्मत ने भी पलटी खाई है। दिल्ली का यह युवा खिलाड़ी धीरे-धीरे विश्व क्रिकेट पर छा गया और पिछले दो सालों से उनका प्रदर्शन तो काबिलेतारीफ रहा है। वे उन कुछ युवा खिलाड़ियों में शामिल हैं जो कि खेल के तीनों फॉरमेट में खुद को आसानी से ढाल लेते हैं। मुझे विश्वास है कि भारत के प्रशासक उनकी कप्तानी पर भी पैनी निगाह रखे होंगे। समझदारी और शांतिप्रिय होना एक अच्छे लीडर की निशानी हैं। इससे आप अपने काम को बिना किसी परेशानी के बखूबी निभा सकते हैं।

दिल्ली के लिए एक और फैक्टर है जो उसे जीत दिलाने में अहम भूमिका निभा रहा है। यह है होम कंडीशन का एंजॉयमेंट। दूसरी ओर यहां खेलने आने वाली टीमों को पिच के साथ तालमेल बिठाने में मुश्किल हो रही है। इसका फायदा दिल्ली को उसके शेष होम मैचों में भी मिलेगा, खासकर डेनियल विटोरी के टीम के साथ जुड़ने से।

दिनेश कार्तिक कल रात जिस तरह से खेले उससे मैं प्रभावित हुआ। उन्होंने शेन वॉर्न का पूरे कांफीडेंस के साथ सामना किया। इसका फायदा भी टीम को हुआ। मैंने देखा कि ज्यादातर बल्लेबाज उसी जाल में फंसे जिसे शेन ने उनके लिए बुना था। हां, कार्तिक जैसे कुछ युवा भारतीय जरूर उनके इस जाल में नहीं फंसे।
इसके अलावा चेन्नई ने भी गुरुवार को होम एडवांटेज को एंजॉय किया। जिस क्वालिटी के खिलाड़ी उनके पास हैं उन्हें अभी सेमीफाइनल से बाहर नहीं माना जा सकता। उनके लिए समस्या है उनकी बॉलिंग। हां, मैच रेडी डग बोलिंगर के टीम के साथ जुड़ने से उनकी यह समस्या काफी कुछ दूर हो जाएगी। चेन्नई को अभी चार और घरेलू मैच खेलने हैं। इसका उन्हें फायदा मिलेगा। सीएसके क्वालिटी टीम है। पिछले दोनों बार सेमीफाइनल में पहुंची है इसलिए उन्हें पता है कि उन्हें क्या करना है। हां, टूर्नामेंट में अभी उनकी पोजीशन कुछ खास अच्छी नहीं है।

कोलकाता नाइट राइडर्स भी होम एडवांटेज की उम्मीद लगाए है। वाकई घर जैसी कोई जगह नहीं होती और फिर ईडन गरडस जैसा घर तो मुश्किल से नसीब होता है। मुझे पता है कि इस समय इसकी कैपेसिटी आधी है, लेकिन वे अपनी टीम और अपने कप्तान सौरभ गांगुली को प्यार करते हैं। केकेआर को इससे प्रेरणा लेनी चाहिए और मुकाबले में वापस आना चाहिए। अगर केकेआर यहां से अपने सभी घरेलू मैच जीतने में सफल रहता है तो वह सेमीफाइनल के लिए अच्छी पोजीशन में होगी।

(गेमप्लान)

 

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