DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

छुट्टी होने से प्रभजोत और दीपक स्तब्ध

छुट्टी होने से प्रभजोत और दीपक स्तब्ध

विश्व कप में फ्लाप रहने के कारण आलोचकों के कोपभाजन बने फारवर्ड प्रभजोत सिंह और दीपक ठाकुर की गुरुवार को भारतीय हाकी टीम से लगभग छुट्टी हो गई जिस पर नाराजगी जताते हुए दोनों सीनियर खिलाड़ियों ने मुख्य कोच जोस ब्रासा के लौटने पर सफाई मांगने की बात कही है।

विश्व कप में भारतीय टीम के आठवें स्थान पर रही भारतीय टीम की कमजोर कड़ी साबित हुए सीनियर फारवर्ड प्रभजोत और दीपक को अजलान शाह कप के लिए चुने गए 45 खिलाड़ियों में जगह नहीं मिली है। ये खिलाड़ी 13 अप्रैल से पुणे के बलेवाड़ी में अभ्यास शिविर में भाग लेंगे।

चयन समिति में शामिल सरकारी पर्यवेक्षक अजितपाल सिंह ने कहा कि यह फैसला पूरी तरह से खिलाड़ियों के प्रदर्शन के आधार पर लिया गया है। टीम में उन्हीं खिलाड़ियों के लिए जगह है जो टीम भावना में विश्वास करते है। उन्होंने कहा कि दीपक ने विश्व कप के आखिरी चरण में खेला ही नहीं। वह पूरी तरह से खराब फार्म में था जबकि प्रभजोत ने भी आशा के अनुरूप प्रदर्शन नहीं किया।

विश्व कप में भारतीय टीम के सबसे सीनियर खिलाड़ी रहे प्रभजोत ने इस फैसले पर हैरानी जताते हुए कहा कि मुझे तो यह आपसे ही पता चला है। हमें तो शिविर के लिए तैयार रहने को कहा गया था। हाकी तो टीम का खेल है लिहाजा बाहर करना है तो पूरी टीम को किया जाए। दो खिलाड़ियों पर ही गाज क्यों गिरी।

दीपक ने हालांकि इस फैसले को अपेक्षित बताते हुए कहा कि हमें विश्व कप से पहले ही अंदेशा था कि कुछ भी गलत होने पर गाज हम पर ही गिरेगी क्योंकि हम भुगतान को लेकर हड़ताल के मामले में खिलाड़ियों का पक्ष रख रहे थे। उन्होंने कहा कि कोच ब्रासा ने हमें शिविर के लिए तैयार रहने को कहा था। उनकी गैर हाजिरी में यह फैसला लिया गया है। हम उनके लौटने का इंतजार कर रहे हैं। उनसे ही स्पष्टीकरण मांगेगे कि हमें बाहर क्यों किया गया।

प्रभजोत ने भी कहा कि कोच से बेहतर टीम को कोई नहीं समझता। ब्रासा को अच्छी तरह पता है कि कौन कैसा खेला है। हमें अब उनके लौटने का इंतजार है। विश्व कप के बाद छुट्टी मनाने स्पेन गए ब्रासा छह या सात अप्रैल को लौटेंगे।

यह पूछने पर कि क्या इन दोनों सीनियर खिलाड़ियों के लिए राष्ट्रमंडल खेलों और एशियाड के भी रास्ते बंद हो गए हैं, अजितपाल ने कहा कि रास्ते किसी के लिए बंद नहीं होते। इन दोनों को अपना फार्म साबित करना होगा। यदि वे अच्छा खेलेंगे तो निश्चित तौर पर टीम में रहेंगे।

प्रभजोत ने विश्व कप में पाकिस्तान के खिलाफ एकमात्र गोल किया था जबकि दीपक एक भी गोल नहीं दाग सके थे। मेजबान भारत टूर्नामेंट में आठवें स्थान पर रहा। विश्व कप से ठीक पहले पुणे में अभ्यास शिविर के दौरान भुगतान मसले पर हड़ताल में दोनों ने खिलाड़ियों की अगुवाई की थी।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:छुट्टी होने से प्रभजोत और दीपक स्तब्ध