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इविवि में सीटें तो बढ़ीं, पर पढ़ेंगे कहां, पढ़ाएगा कौन

इलाहाबाद विश्वविद्यालय में 2008 में ओबीसी आरक्षण लागू होने के बाद प्रति वर्ष सीटें बढ़ रही हैं। नए सत्र में इविवि में 54 प्रतिशत सीटों की बढ़ोतरी होगी। सीटें तो बढ़ा दी गईं लेकिन विश्वविद्यालय में छात्रों के लिए न तो लेक्चर हाल बने और न ही फैकेल्टी की नियुक्ति हुई।

अकेले भूगोल विभाग की बात की जाए तो इस विभाग में आरक्षण लागू होने के पूर्व 300 छात्र-छात्राओं के पढ़ाई की व्यवस्था थी। वर्ष 2008 में पहली बार नौ प्रतिशत सीटें बढ़ाई गई। इसके बाद दूसरे वर्ष में 27 प्रतिशत और इस वर्ष 54 प्रतिशत सीटें बढ़ रही हैं। 54 प्रतिशत सीटें बढ़ जाने के बाद अकेले भूगोल विभाग में 162 सीटें बढ़ जाएंगी। अब सबसे बड़ी समस्या यह है कि इन छात्रों को बैठाया कहां जाएगा। हॉल कम होने की वजह से विभाग के छात्रों को प्रयोगशाला सहित अन्य विभागों में बैठाकर कक्षाएं पूरी करनी पड़ती हैं। अतिरिक्त छात्रों के लिए अब तीन और हॉल की जरूरत होगी। हॉल के साथ कमी शिक्षकों की भी है। विवि में दो बार शिक्षकों के पदों का विज्ञापन होने के बाद भी इस पर चयन आरम्भ नहीं हो सका है। हॉस्टलों की संख्या भी नहीं बढ़ीं, महिला छात्रावास और पीसीबी छात्रवास में कुछ अतिरिक्त कमरे तैयार हो रहे हैं लेकिन इनको विवि को अभी सौंपा नहीं गया है।

भूगोल विभाग
यूजी सीटों का विवरण
वर्ष   यूजी सीट     पीजी सीट    फैकेल्टी     गेस्ट फैकेल्टी    लेक्चर हॉल     प्रयोगशाला
2006   300              75            12                  5                      7                   2
2007   300               75            12                  5                     7                   2
2008   327                82           12                  5                     7                   2
2009    381               89            12                  5                    7                   2
2010    462             116            12                  5                    7                   2

भूगोल विभाग में बीए भाग एक के लिए इस वर्ष कम से कम दो लेक्चर हॉल चाहिए। बीए भाग दो के लिए भी एक लेक्चर हॉल चाहिए। एमए के लिए मूल सीट से 41 सीटें अधिक हो गई हैं। इसलिए पीजी कक्षा के लिए पहले तो बड़ा हॉल मिले यदि यह सम्भव न हो तो उन्हें एक लेक्चर हॉल पीजी कक्षा के लिए भी दिया जाए।
प्रो. बीएन मिश्र, विभागाध्यक्ष भूगोल

बढ़ी सीटों के अनुरूप छात्रों को बैठने की व्यवस्था कैसे हो इसके लिए अभी से कवायद शुरू कर दी गई है। मंगलवार को हमने विभागाध्यक्षों के साथ बैठकर इस पर विचार किया है। इसके लिए कमेटी गठित कर दी गई है। यह समिति किस विभाग को कितनी जगह चाहिए इस पर निर्णय करेगी।
प्रो. आरजी हर्षे, कुलपति इविवि

220 सेण्टरों पर 18 से मूल्यांकन
यूपी बोर्ड की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन 18 अप्रैल से प्रदेश के 220 सेण्टरों पर शुरू होने जा रहा है। सवा लाख परीक्षक 15 दिन में कापियों का मूल्यांकन पूरा करेंगे। इलाहाबाद क्षेत्रीय कार्यालय के 74 सेंटरों पर करीब 30 हजार परीक्षक कापियों का मूल्यांकन करेंगे। इसी प्रकार से वाराणसी क्षेत्रीय कार्यालय में 35 हजार, मेरठ और बरेली में 25-25 हजार परीक्षक मूल्यांकन करेंगे। सबसे ज्यादा मूल्यांकन सेंटर इलाहाबाद, लखनऊ, वाराणसी, आगरा, गोरखपुर, फैजाबाद, मुजफ्फरनगर, कन्नौज, आजमगढ़, मेरठ, मुरादाबाद, बरेली और कानपुर नगर में बनाये गये है। परीक्षकों के आईकार्ड अप्रैल के पहले हफ्ते में भेजे जाएंगें।

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