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जस्टिस सेन पर महाभियोग प्रस्ताव का नोटिस

वामपंथी दलों, सत्तारुढ़ संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन के घटक राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, प्रमुख विपक्षी भारतीय जनता पार्टी तथा उसके साथी दलों एवं कुछ निर्दलीयों सहित रायसभा के 58 सांसदों ने कलकत्ता उच्च न्यायालय के न्यायाधीश सौमित्र सेन के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव का नोटिस शुक्रवार को सभापति मोहम्मद हामिद अंसारी को सौंपा। सदन में माक्र्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के नेता सीताराम येचुरी ने दोपहर डॉ. अंसारी को सौंपे गए इस नोटिस की प्रतियां संवाददाताआें को जारी करते हुए एक प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि इस पर ऊपरी सदन के सभी वामपंथी सदस्यों के अलावा राकांपा के तारिक अनवर, विपक्ष के नेता जसवंत सहित भाजपा एवं जनता दल (यू), बहुजन समाज पार्टी, समाजवादी पार्टी, तेलुगू देशम पार्टी के सदस्यों एवं मनोनीत विमल जालान के भी हस्ताक्षर हैं। न्यायमूर्ति सेन पर एक मामले में एक पक्ष द्वारा कोर्ट में जमा करवाए गए 33 लाख रुपये के गबन का आरोप है। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने विभागीय जांच में भी सेन को दोषी पाया तथा उन्हें त्यागपत्र या स्वैच्छिक सेवानिवृति लेने को कहा। जिसके मना किए जाने के बाद मुख्य न्यायाधीश ने प्रधानमंत्री से उनके खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने का सिफारिश की। माकपा नेता ने एक सवाल पर साफ किया कि किसी न्यायाधीश के खिलाफ महाभियोग का नोटिस किसी भी एक सदन में दिया जाना पर्याप्त है। लोकसभा के कम से कम 100 या रायसभा के कम से कम 50 सदस्य ऐसा नोटिस देकर महाभियोग की प्रक्रिया शुरू करवा सकते हैं। स्वतंत्र भारत के लगभग छह दशकों के इतिहास में यह केवल दूसरा मौका है, जब संसद में किसी न्यायाधीश के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव का नोटिस दिया गया है और रायसभा में यह अपनी तरह का पहला अवसर है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट के जज वी रामास्वामी के खिलाफ 1में महाभियोग प्रस्ताव लाया गया था, लेकिन यह पास नहीं हो पाया था।

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  • Web Title: जस्टिस सेन पर महाभियोग प्रस्ताव का नोटिस