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पंकज ने पार की पढ़ाई के रास्ते की हर बाधा

राजधानी के धुर्वा स्थित केंद्रीय विद्यालय से इसी साल 90.2 प्रतिशत अंक के साथ 10वीं की परीक्षा पास करने वाले पंकज कुमार ने साबित कर दिया है कि यदि इंसान लक्ष्य के प्रति समर्पित हो, तो उसे हासिल करना कठिन नहीं है। पिता संजय कुमार की कमजोर आर्थिक स्थिति देख कर वह कभी-कभी हतोत्साहित हो जाता था, लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी। अपने संकल्प के बल पर उसने पहला मुकाम हासिल कर लिया है। अब उसके सपनों में पंख लग गए हैं। पंकज ने हिन्दुस्तान स्कॉलरशिप परीक्षा में सफलता हासिल की है। वह इंजीनियर बनने की तैयारी में जुट गया है। हर दिन चार से पांच घंटे की पढ़ाई उसकी आदत बन गई है। पंकड कहता है : मुझे खुशी है कि मुझे इस स्कॉलरशिप के लिए चुना गया है। अब मेरी मंजिल बस एक कदम दूर है। उस पर क्लिक करने की जरूरत है। इसके लिए मैं तैयारी में जुट गया हूं। टेस्ट से भी क्वेश्चन के ट्रेंड का पता चला है।

पंकज के पिता संजय कुमार के अनुसार उन्होंने अपने बेटे का करियर बनाने के लिए कई मुसीबतों का सामना किया। उन्होंने कहा : आर्थिक समस्याएं तो आती रहती हैं, लेकिन बच्चों का करियर सबसे महत्वपूर्ण है। पंकज की मां निर्मला देवी अपने होनहार लाडले की सफलता से अभिभूत हैं। उन्हें पूरा भरोसा है कि उनका लाल अब इंजीनियरिंग करने का अपना सपना पूरा कर लेगा। उन्होंने कहा : पंकज अपने परिवार और हिन्दुस्तान अखबार की भी उम्मीदों पर भी खरा उतरेगा। उन्होंने अपने सपनों को साकार बनाने के प्रयास में हिन्दुस्तान के योगदान की भी प्रशंसा की।

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