DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

गरीबी को चुनौती के रूप में स्वीकारा साकेत ने

हिन्दुस्तान की परीक्षा में पास होनेवाले साकेत कुमार की खुशी देखते बन रही है। डीएवी गांधीनगर से दसवीं की परीक्षा में 94 फीसदी अंक लाकर पास किया है। भविष्य में इंजीनियर बनने का सपना संजोए वह मेहनत तो कर रहा था, लेकिन इसमें गरीबी आड़े आ रही थी। परंतु इसे उसने कभी भी अपनी राह का रोड़ा नहीं बनने दिया।

इसकी मां शिप्रा पांडेय बिहार में कांट्रैक्ट टीचर हैं। पिता राजीव कुमार पांडेय बेरोजगार हैं। पढ़ाई में साकेत को चाचा भी काफी सहयोग करते हैं।

साकेत का छात्र जीवन अर्थाभाव से गुजरा। दोस्तों का भी उसे भरपूर सहयोग मिला। हातमा टंगराटोली का रहनेवाला साकेत मृदुभाषी स्वभाव के कारण स्कूल में भी सबका प्रिय है। वह कहता है कि आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए हिन्दुस्तान का यह प्रयास मील का पत्थर साबित होगा। इसके पिता राजीव पांडेय को भरोसा है कि हिन्दुस्तान की मदद से उनका बेटा एक दिन इंजीनियर जरूर बनेगा। मां शिप्रा भी काफी आशान्वित हो गई हैं।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:गरीबी को चुनौती के रूप में स्वीकारा साकेत ने