DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

सेल्फ स्टडी से बाधाओं को दूर हटाया सुमित ने

अपने आत्मविश्वास और हौसले की मदद से सुमित ने अपने रास्ते की तमाम बाधाओं को दूर हटाया है। हिन्दुस्तान कोचिंग स्कॉलरशिप मिलने से उसके हौसले बुलंद हैं। वह कहता है : इंजीनियर बनना चाहता हूं, पर टैलेंट की महादौड़ में कोचिंग का मार्गदर्शन आवश्यक है। गरीबी मेरे सपनों को तोड़ रही थी, लेकिन धन्य है हिन्दुस्तान कोचिंग स्कॉलरशिप, जिसने प्रतिभाओं के टूटते सपने को साकार करने में अग्रणी भूमिका निभाई है।
अपनी कड़ी मेहनत और लगन के साथ सेल्फ स्टडी की मदद से आईआईटी इंजीनियर बनने की इच्छा रखनेवाले प्रतिभावान छात्र सुमित कुमार को लगता है कि उसका सपना अब पूरा हो सकेगा। मुजफ्फरपुर निवासी सुमित के पिता अनिल कुमार बिजली विभाग में कार्यरत हैं। डीएवी स्कूल मुजफ्फरपुर से दसवीं बोर्ड परीक्षा में मात्र 88 प्रतिशत अंक लाने पर वह काफी निराश हो गया था। एक समय तो उसने पढ़ाई छोड़ देने तक का भी फैसला कर लिया था, लेकिन उसके पिता अनिल कुमार और मां बबिता देवी ने उसका हौसला बढ़ाया। उन्होंने कहा कि कड़ी मेहनत से सब कुछ पाया जा सकता है। इसके बाद उसके पिता सुमित को आगे की पढ़ाई के लिए बोकारो ले आए। यहां उसका नामांकन 11वीं कक्षा में अयप्पा पब्लिक स्कूल में कराया गया। आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण उसे कभी ट्यूशन भी नहीं मिल पाया। उसके मम्मी-पापा उसे इंजीनियर बनाना चाहते थे। इस कारण सुमित ने आगे की पढ़ाई में अपना एकमात्र सहारा सेल्फ स्टडी को चुना तथा कड़ी मेहनत करते हुए हिन्दुस्तान कोचिंग स्कॉलरशिप पाने में सफल रहा। इसके बाद तो आगे की पढ़ाई पूरी करने के लिए हिन्दुस्तान कोचिंग स्कॉलरशिप उसका एकमात्र सहारा बन गया। वह अपनी मेहनत व लगन की मदद से इंजीनियर बन देश की सेवा करना चाहता है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:सेल्फ स्टडी से बाधाओं को दूर हटाया सुमित ने