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सफलता के लिए लक्ष्य निर्धारण व कठिन परिश्रम जरूरी

हिन्दुस्तान कोचिंग स्कॉलरशिप के लिए चयनित सुपौल निवासी शिक्षक बी रंजन के पुत्र प्रियेश रंजन अपनी मंजिल को लेकर काफी खुश है। उसका मानना है कि आईआईटी की पढ़ाई कर देश की सेवा करने का उसने जो लक्ष्य निर्धारित किया था, उसे हिन्दुस्तान कोचिंग स्कॉलरशिप ने आसान कर दिया। इस स्कॉलरशिप से न केवल उसे मार्गदर्शन मिल रहा है, बल्कि यह उसका सहारा बना है। सुपौल के मोहनलाल हाई स्कूल के शिक्षक बी रंजन के पुत्र प्रियेश की प्रारंभिक शिक्षा पूर्णिया के विद्या विहार आवासीय विद्यालय में हुई, जहां उसने 93.6 प्रतिशत अंक प्राप्त कर जिला में नया रिकॉर्ड बनाया। प्रियेश का मानना है कि कड़ी मेहनत की बदौलत वह हिन्दुस्तान कोचिंग स्कॉलरशिप पाने में सफल रहा। आईआईटी से इंजीनियरिंग कर देश की सेवा करने का सपना लेकर पढ़ाई कर रहे प्रियेश का सपना एमबीए करने का भी है। सफलता के लिए छात्रों को क्या करना चाहिए, इस संबंध में पूछे जाने पर प्रियेश ने कहा कि सफलता के लिए लक्ष्य निर्धारण व कठिन परिश्रम जरूरी है। बोकारो के शिक्षा स्तर को बेहतर बताते हुए उसने कहा कि बोकारो मिनी कोटा के रूप में उभर रहा है, जिसका लाभ छात्रों को उठाना चाहिए। वह कहता है कि उसने जो राह चुनी है, उस पर लगातार आगे बढ़ना ही उसका उद्देश्य है। अपने शिक्षक पिता को वह अपना आदर्श मानता है।

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