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अभिनीत के अरमानों को लग गए पंख

तमाम परेशानियों और तंगी के बीच भी अगर हौसला बुलंद हो, तो मंजिल मिल ही जाती है। यह कहावत पूरी तरह चरितार्थ हो रही है स्वामी विवेकानंद नगर पुटकी निवासी अभिनीत दुबे पर। उसका सपना आईआईटी से इंजीनियरिंग कर आईएएस बनने का है। पहले उसे भय था कि कहीं उसका सपना अधूरा न रह जाए, लेकिन हिन्दुस्तान कोचिंग स्कॉलरशिप ने उसके अरमानों को पंख लगा दिए हैं। मामूली सी पगार पानेवाले पिता संतोष दुबे व गृहिणी माता मंजू दुबे का दूसरा पुत्र अभिनीत हिन्दुस्तान का शुक्रगुजार है। उसके पिता महाराष्ट्र कंस्ट्रक्शन समस्तीपुर में साइट मुंशी हैं। परिवार की कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण इंजीनियरिंग की तैयारी उसके लिए आसान नहीं थी, लेकिन हिन्दुस्तान कोचिंग स्कॉलरशिप ने उसे आसान बना दिया। अब उसके हौसले काफी बुलंद हैं। वह पढ़-लिख कर देश की सेवा करना चाहता है। मैट्रिक की परीक्षा उसने आईएसएल मुनीडीह से उत्तीर्ण की। विद्यालय का टॉपर होने से उसे धनबाद में आयोजित हिन्दुस्तान प्रतिभा सम्मान समारोह में शामिल होने का अवसर मिला, जहां उसे पुरस्कार से नवाजा गया। उसने अपनी उस सफलता का श्रेय अपने बड़े भाई अभिषेक दुबे को दिया, जिसने आर्थिक तंगी के वक्त उसकी मदद कर हौसला अफजाई की। अभिषेक स्वयं डीएवी मुनीडीह में 12वीं का छात्र है, जबकि उसकी छोटी बहन अंकिता दुबे आईएसएल मुनीडीह में नौवीं की छात्र है। अभिनीत डीएवी मुनीडीह में 11वीं का छात्र है। अभिनीत की इस सफलता पर उसके माता-पिता व परिजन काफी खुश हैं। अभिनीत की माता मंजू दुबे का मानना है कि हिन्दुस्तान एवं ब्रिलिएंट ट्यूटोरियल्स मिलकर उनके बेटे के साथ-साथ उनके सपनों को भी पूरा कर रहा है।

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