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22 फरवरी, 2020|2:59|IST

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मेहनत से मुश्किल को आसान बनाया अंशुराज ने

लक्ष्य निर्धारित हो तो सफलता कदम चूमती है। होनहार अंशुराज के मामले में यह कहावत एकदम सटीक है। हिन्दुस्तान कोचिंग स्कॉलरशिप के लिए चयनित अंशुराज ने पढ़ाई के क्षेत्र में कामयाबी के नए प्रतिमान गढ़े हैं। रक्सौल (बिहार) के रघुनाथपुर हाई स्कूल रायगढ़वा में शिक्षक नरेन्द्र कुमार चौधरी की पुत्री अंशुराज पिता के सहारे अपनी पढ़ाई पूरी कर सकी। 10वीं की परीक्षा में बेहतर कर उसने साबित कर दिया कि कड़ी मेहनत की जाए, तो बाधा को पराजित किया जा सकता है। अंशुराज कंप्यूटर इंजीनियर बनना चाहती है। उसके सपनों को साकार करने में हिन्दुस्तान कोचिंग स्कॉलरशिप सहभागी बना है। वर्तमान में वह स्थानीय चिन्मया विद्यालय में विज्ञान की छात्रा है। उसके चयन से उसकी सहेलियां काफी खुश हैं। अंशु ने डीएवी स्कूल मोतिहारी में प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की। फिर 10वीं की परीक्षा में 95.6 प्रतिशत अंक लाकर उसने मोतिहारी में परचम लहराया। भावी योजना के बारे में उसने बताया कि वह इंजीनियरिंग के साथ ही आइएएस में भी जाने की इच्छा रखती है। प्री बोर्ड परीक्षा में कम अंक आने के कारण वह काफी निराश हो गई थी, पर नानी ने उसका हौसला बढ़ाया तथा वह सफल हो सकी। बोकारो में शिक्षा का अच्छा माहौल मिलने के कारण वह काफी खुश है तथा विशेष तैयारी कर रही है। हिन्दुस्तान कोचिंग स्कॉलरशिप के लिए चुने जाने पर उसका पूरा परिवार खुश है। उसकी इच्छा है कि पढ़ाई में उससे आगे कोई नहीं बढ़ पाए।

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