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छोटी जगह की दुश्वारियों को पराजित किया है अजय ने

जिंदगी की राह की दुश्वारियां भी अजय के कदमों को रोक न सकीं। उसने खुद को गुदड़ी का लाल साबित कर दिखाया। कोडरमा जिले के लरियाडीह (पथलडीहा) गांव के अजयराज चौहान की आंखों से उसका आत्मविश्वास और पक्का इरादा साफ झलकता है। अजय शिक्षा के क्षेत्र में कुछ बेहतर कर गुजरने की तमन्ना रखता है। डॉक्टर बन कर बेहतर करियर बनाना उसका सपना है। इस जिले में बेहतर शिक्षा के अभाव और परिवार की अत्यंत ही कमजोर आर्थिक स्थिति के बावजूद उसमें संघर्ष कर आगे बढ़ने का गजब का जज्बा है। उसके सपनों की उड़ान के अभियान में हिन्दुस्तान कोचिंग स्कॉलरशिप हमसफर बना है। अजय को अब मेडिकल की कोचिंग मुफ्त में मिलेगी। जाहिर है कि उसकी कामयाबी से उसके पिता जयप्रकाश सिंह, माता दिनेश्वरी देवी और छोटी बहन बेहद प्रसन्न हैं। अजय के पिता साधारण किसान हैं। माता सामान्य गृहिणी। उनकी माता कहती हैं : बेटे को पढ़ाना ही जीवन का मकसद बन चुका है। साधारण खेती-बाड़ी के जरिये बमुश्किल परिवार की गाड़ी चल रही है। विषम परिस्थितियों का सामना करते हुए अपनी मेहनत और प्रतिभा की बदौलत अजय ने विपरीत परस्थितियों का सीना भेदकर अपनी अलग राह बनाई है। इलाके के विद्यार्थियों के लिए वह प्रेरणा का सिंबल भी बना है। उसने सीएम उच्च विद्यालय डोमचांच से 10वीं की परीक्षा पास की है। स्कॉलरशिप मिलने से वह बेहद खुश है। वह अपनी सफलता का श्रेय ईष्ट मित्रों, गुरुजनों, माता-पिता को देता है। अजय ने बताया कि मेडिकल के क्षेत्र में उच्चतर शिक्षा हासिल करने की उसकी इच्छा है। उसका मानना है कि माता-पिता के आशीर्वाद, सहयोग और मार्गदर्शन जीवन में सफलता हासिल करने के लिए अहम है। अपने जीवन में सफलता के लिए वह इन चीजों को मूल मंत्र के रूप में शिरोधार्य कर आगे बढ़ना चाहता है।

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