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27 जनवरी, 2020|6:26|IST

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भारत-चीन घातक गलतफहमियों से बचें: मेनन

भारत-चीन घातक गलतफहमियों से बचें: मेनन

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिवशंकर मेनन ने गुरुवार को भारत और चीन को नीतिगत विषयों पर घातक गलतफहमियों से बचने की चेतावनी देते हुए कहा कि दोनों देशों द्वारा एक महात्वाकांक्षी लक्ष्य पर आगे बढ़ना द्विपक्षीय रिश्तों को ठोस तरीके से आगे बढ़ा सकता है।

मेनन ने कहा कि जब दुनिया बहुत तेजी से बदल रही है और जब अंतरराष्ट्रीय प्रणाली में अनिश्चितता अभूतपूर्व स्तर पर है, ऐसे में भारत और चीन न तो गलतफहमी का बोझ उठा सकते हैं और न ही एक दूसरे की मजबूरियों और नीतिगत प्रक्रियाओं में समक्ष की कमी के कारण नीति को विकृत कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में जहां विदेश नीति और जनमत के बीच करीबी संबंध है, जिसे इसने खुद ही बनाया है। इसके सहयोग को वैध ठहराने, सुसंगत तथा कार्यान्वयन योग्य बनाने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि यह सिर्फ जागरूक और समर्थन देने वाले जनमत के आधार पर हो सकता है, जिससे कि हम अवसर प्राप्त करने में सक्षम हो सकेंगे और महात्वाकांक्षी एजेंडा पर आगे बढ़ सकेंगे, जिसकी भारत-चीन रिश्ते को लंबे समय से इंतजार है। यह भारत-चीन के रिश्ते को 21वीं सदी में ठोस तरीके से आगे बढ़ाएगा।

मेनन ने इंडियन काउंसिल ऑफ वर्ल्ड अफेयर्स द्वारा आयोजित सेमिनार में यह बात कही, जिसे भारत-चीन के राजनयिक संबंधों के 60वीं सालगिरह के मौके पर आयोजित किया गया था। उन्होंने चेतावनी दी कि बयानबाजी और विचारों की पुरजोर तरीके से अभिव्यक्ति करने से समक्ष में अस्थिरता आ सकती है।

उन्होंने कहा कि हम भारत-चीन के संबंध में इस बात को पिछले साल या अब तक देख चुके हैं। वहीं, भारत में नियुक्त चीनी राजदूत झांग यान ने कहा कि जनमत का कारगर तरीके से हल करने के लिए दोनों देशों को कोशिश करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारे रिश्तों को आगे बढ़ाने के लिए जनमत बहुत महत्वपूर्ण है। दोनों देशों को अपने जनमत को सही दिशा-निर्देश करना चाहिए तथा आरोप प्रत्यारोप से बचना चाहिए।

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