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यूएन नहीं करेगा बेनजीर हत्याकांड की दोबारा जांच

यूएन नहीं करेगा बेनजीर हत्याकांड की दोबारा जांच

संयुक्त राष्ट्र ने पाकिस्तान की पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की हत्या के मामले में की गई जांच की रिपोर्ट को संपूर्ण बताते हुए दोबारा जांच करने की पाकिस्तान की मांग को खारिज कर दिया। संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता मार्टिन नेसिरकी ने बताया कि आयुक्तों ने संयुक्त राष्ट्र को बता दिया है कि रिपोर्ट पूरी हो चुकी है।

उन्होंने कहा कि उनका मानना है कि वह अपना काम पूरा कर चुके हैं और अब इसमें और जानकारी देने की जरूरत नहीं है। अब यह उन पर निर्भर करता है कि उन्हें अपनी रिपोर्ट बदलने की जरूरत महसूस होती है या नहीं। पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने संयुक्त राष्ट्र से रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की तिथि को आगे बढ़ाने की अपील की थी।

संयुक्त राष्ट्र में चिली के राजदूत हेराल्ड मुनोज के नेतृत्व वाला तीन सदस्यीय आयोग रिपोर्ट के परिणाम सामने लाने के लिए तैयार था, लेकिन पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी द्वारा संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून से रातों-रात संपर्क करने के बाद इसका परिणाम सार्वजनिक करना 15 अप्रैल तक के लिए टाल दिया गया। बान या किसी पाकिस्तानी अधिकारी ने अब तक रिपोर्ट देखी नहीं है।


संयुक्त राष्ट्र ने इस देरी के बारे में कोई टिप्पणी नहीं दी है, लेकिन पाकिस्तान के राष्ट्रपति के प्रवक्ता ने बताया कि सरकार इस रिपोर्ट में उन तीनों देशों की प्रतिक्रिया भी शामिल कराना चाहती है, जिन्होंने बेनजीर को देश लौटने के पहले चेतावनी दी थी।

प्रवक्ता फरहतुल्ला बाबर ने कहा था कि पाकिस्तान चाहता है कि आयोग उन तीनों देशों की प्रतिक्रियाओं को भी रिपोर्ट में शामिल करे, जिन्होंने चेतावनी दी थी कि बेनजीर के पाकिस्तान लौटने पर उनकी जान को खतरा हो सकता है और उन्हें इसके लिए सुरक्षा की उचित व्यवस्था करनी चाहिए।

यह पूछे जाने पर कि क्या आयोग पाकिस्तान द्वारा तीनों देशों को इसमें शामिल करने संबंधी आग्रह पर दोबारा जांच करेगा, नेसिरकी ने कहा कि जांचकर्ताओं ने पर्याप्त संदर्भित जानकारी का अध्ययन कर लिया है, इसमें वह सब कुछ भी शामिल है जो हाल के दिनों में खबरों में रहा। नेसिरकी ने कहा ताजा जानकारी पर प्रकाश पड़ने के बाद भी जांचकर्ता कह रहे हैं कि वह जांच पूरी कर चुके हैं।

बेनजीर की दिसंबर 2007 में रावलपिंडी के गैरिसन कस्बे में एक रैली में हत्या कर दी गई थी। रैली में बम विस्फोट और गोलीबारी दोनों हुई थी। वह उस दौरान पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के लिए प्रचार कर रही थीं। तत्कालीन राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ की सरकार ने इसके लिए पाकिस्तानी तालिबान कमांडर बैतुल्ला महसूद को जिम्मेदार ठहराया था।

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