अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

झारखंड में वकीलों ने नहीं किया काम

चेन्नई हाइकोर्ट में पुलिस द्वारा वकीलों और जज को पीटने के विरोध में झारखंड के वकीलों ने 20 फरवरी को अपने को अदालती कार्य से अलग रखा। झारखंड राज्य बार कौंसिल की प्रात: 10 बजे हुई आपात बैठक में अदालती कार्य नहीं करने का निर्णय लिया गया। इसके बाद इसकी सूचना राज्य के सभी जिलों के बार एसोसिएशन को भेज दी गयी। बार कौंसिल ऑफ इंडिया को भी इसकी जानकारी दे दी गयी।ड्ढr बैठक में कहा गया कि पुलिस द्वारा वकीलों और जज पर किया गया हमला न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर हमला है। इस तरह की कार्रवाई बर्दाश्त नहीं की जायेगी। इस पूर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गयी। सुबह 10 बजे बार कौंसिल ने आपात बैठक बुलायी। इसमें घटना की निंदा की गयी। इसके बाद सर्वसम्मति से विरोध स्वरूप अदालती कार्य नहीं करने का निर्णय लिया गया। साथ ही सभी जिलों के बार एसोसिएशन को भी ऐसा करने का निर्देश दिया गया। बैठक की अध्यक्षता कौंसिल के चेयरमैन पीसी त्रिपाठी ने की। प्रवक्ता दीपक कुमार ने बताया कि इस मामले में भविष्य में बार कौंसिल का जो भी निर्देश आयेगा उसका पालन होगा।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: झारखंड में वकीलों ने नहीं किया काम