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मिलती है शाबाशी, नहीं होता काम

मैट्रिक परीक्षा के रिाल्ट में गिरावट के संदर्भ में पूछे जाने पर कौंसिल हॉल में उपस्थित शिक्षक नेता रवींद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि शिक्षकों की कमी के कारण ही रिाल्ट खराब हुए हैं। वैसे स्कूलों में तमाम असुविधाओं के बीच शिक्षक पढ़ा रहे हैं। हर बार इसी कौंसिल के सभागार में रिाल्ट जारी होने के समय शिक्षकों को शाबाशी तो मिलती है, मगर समस्याओं का निदान नहीं होता है।ड्ढr जयनंदन सिंह ने कहा कि परिवर्तित पाठ्यक्रम बिना पूरी तैयारी के लागू कर दिया गया है। शिक्षक बेहतर शिक्षा के प्रयास में जुटे हैं परंतु समस्याएं उनकी राह का सबसे बड़ा रोड़ा है। जॉन मुंडू ने कहा कि राज्य में मात्र एक चौथाई शिक्षक ही हैं। अलग राज्य के बाद शिक्षकों की बहाली नहीं हुई है। रिाल्ट खराब होने का एक कारण यह भी है।ड्ढr रामेश्वर ठाकुर और रामबली प्रसाद ने कहा कि वर्तमान परिवेश में परिणाम उत्साहवर्धक ही माना जायेगा। अगर सरकार शिक्षकों के रिक्त पद को भर दें और समस्यामुक्त कर दें, तो निश्चित रूप से रिाल्ट शत-प्रतिशत होगा।

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