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झारखंड बनना ही नहीं चाहिए था

जमुई और बांका को बिहार से अलग करने संबंधी शिबू सोरन के बयान पर भड़के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि झारखंड का तो गठन होना ही नहीं चाहिए था। शनिवार को मुख्यमंत्री सचिवालय में मुख्यमंत्री ने संवाददाताओं से कहा कि गुरुजी की मांग बकवास है। झारखंड ‘फेल्ड स्टेट’ बनकर रह गया है। आठ साल में कई सरकारें बदलने के अलावा वहां दूसरी कोई उपलब्धि नहीं है।ड्ढr नीतीश ने रलमंत्री लालू प्रसाद को भी यात्री दरबार लगाने की सलाह दी है। गुरुजी के बयान पर श्री कुमार ने कहा कि हम किसी विवाद में नहीं पड़ना चाहते लेकिन बिहार के लोगों में भी यह धारणा है कि पलामू को उधर नहीं होना चाहिए था। झारखंड तो जनजातीय आबादी के आधार पर बना था। देख लीजिए वहां आदिवासियों की क्या हालत है? दूसर लोग ही हावी है। झारखण्डवासी भी सोच रहे हैं कि नये राज्य से उन्हें क्या मिला। लोगों को अहसास है कि बिहार में ही बढ़िया चल रहा है। श्री कुमार ने कहा कि रलमंत्री भी किसी दिन पैसेंजर ट्रन तो किसी दिन मेल व एक्सप्रस यात्रियों का दरबार लगायें। हम चुनौती देने के लिए कोई बात नहीं कहते। विकास यात्रा हमारी सरकार का कार्यक्रम है। इससे विकास कार्यो की हकीकत जानने और लोगों में बिहारीपन की भावना बढ़ाने में मदद मिलती है। अगर रलमंत्री भी दरबार लगाएं तो उससे यात्रियों का ‘इम्पावरमेन्ट’ होगा। ं

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