गरीब बच्चों को लगेंगे आईआईटी के पंख - गरीब बच्चों को लगेंगे आईआईटी के पंख DA Image
11 दिसंबर, 2019|2:09|IST

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

गरीब बच्चों को लगेंगे आईआईटी के पंख

अब साइबर सिटी के गरीब तबके के बच्चें को आईआईटी में दाखिला लेने का सपना हकीकत में बदल सकेगा। इसके लिए आईआईटी इंट्रेंस एक्जाम के लिए देश-विदेश में प्रसिद्व पटना की सुपर-30 कोचिंग सेंटर गुड़गांव के स्टूडेंट्स के लिए टेस्ट आयोजित करेगी। आईआईटी की कोचिंग में प्रवेश के लिए परीक्षा अगले महीने आयोजित की जाएगी। सफल हुए स्टूडेंट्स को पटना में कोचिंग दी जाएगी। यह पहला अवसर होगा जब सुपर-30 पटना के बाहर कहीं पर प्रवेश परीक्षा या फिर सेंटर बनाने के लिए पहल किया है।


सुपर-30 को गुरू द्रोण की धरती पर लाने का श्रेय प्रो. सागर जैन को जाता है। उनकी डेढ़ साल के अथक परीश्रम से सुपर-30 के आनंद कु मार ने इस पर अपनी मुहर लगा दी। बीएमबी स्कूल ऑफ साइंस एंड मैथ्स डाडावास के सागर जैन ने बताया कि इसका लाभ गुड़गांव ही नहीं बल्कि दक्षिण हरियाणा को मिलेगा। इसमें गांव के पढ़े-लिखे गरीब बच्चों को आईआईटी में दाखिले की तैयारी कराई जाएगी। इससे इस क्षेत्र के स्टूडेंट्स में साइंस और मैथ्स पढ़ने में रूझान बढ़ेगा। लगभग 62 देशों में काम कर चुके जैन ने बताया कि वर्ष 2006 में वे भारत आए हुए थे। इसी दौरान ने हेलीमंडी आए और गांव के लोगों ने बच्चों की नौकरी की समस्या रखी। इसी बीच उन्होंने कई प्रयास किए। इस दौरान उन्हें समझ में आया कि अच्छी नौकरी के लिए उच्च संस्थान से पढ़ाई करना जरूरी था। इसी समय मीडिया में उन्होंने आनंद कुमार के कोचिंग सेंटर के बारे में पढ़ा और सम्पर्क किया। लगभग एक साल भर से बात चल रही थी। आखिरकार आनंद ने डाडावास आकर स्कूल के बारे में जानकारी ली और सुपर-30 के टेस्ट आयोजित कराने पर सहमति जता दी। इसके लिए फार्म जमा कराने की तिथि 22 मार्च से बढ़ाकर 30 मार्च तक कर दी गई है। पहला टेस्ट 4 अप्रैल को  और दूसरा 7 अप्रैल को होगा। इच्छुक अभिभावक अपने बच्चें को फार्म भर कर जाम करा सकते है।  प्रो सागर यहीं पैदा हुए और 1959 में यूएसए चले गए। वहीं पर उन्होंने रहते हुए कई देशों में काम किया। यूर्निवसिटी ऑफ नार्थ कालरेनिया में प्रोफेशर सागर और पत्नी शीला फिलहाल डाडावास में बीएमबी स्कूल ऑफ मैथ्स एंड साइंस में इस मुहिम में जुड़े हुए हैं।


आनंद कुमार ने पटना से फोन पर बताया कि सुपर-30 में बच्चों की संख्या बढ़ाने की सोच रहे है। गरीब और मेधावी छात्र खोजना बेहद कठिन काम है। इसके लिए सागर ने गुड़गांव में टेस्ट कराने में हमारी सहायता कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि गुड़गांव टेस्ट में एक दो या फिर 10 तक बच्चें पास करते है तो पटना ले जाएगे और फ्री में रहना-खाना और कोचिंग देंगे। कुमार ने कहा कि यदि बच्चों की संख्या अधिक हुई तो गुड़गांव में सेंटर बनाया जाएगा। इसके लिए टीचरों को प्रशिक्षित किया जाएगा।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:गरीब बच्चों को लगेंगे आईआईटी के पंख