अधिवेशन में छाया रहा छंटनी का मुद्दा - अधिवेशन में छाया रहा छंटनी का मुद्दा DA Image
21 नबम्बर, 2019|4:56|IST

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अधिवेशन में छाया रहा छंटनी का मुद्दा

बीएसएनएल इम्पलाइज यूनियन के तृतीय द्विवार्षिक अधिवेशन में विनिवेश व छंटनी का मुद्दा छाया रहा। क्रॉस रोड में आयोजित इस अधिवेशन में कर्मचारी नेताओं ने कहा कि इस समय वैसे भी कर्मचारी कम हैं इसके बावजूद एक लाख की छंटनी करने की योजना सरासर गलत है। नेताओं ने कहा कि बीएसएनएल में घाटे की मुख्य वजह इसकी सरकारी नीतियां हैं। इसे दुरुस्त करना चाहिए।

अधिवेशन में हिस्सा लेने आए प्रांतीय सचिव पीसी कांडपाल व प्रांतीय अध्यक्ष पीबी डोभाल ने कहा कि सरकार बीएसएनएल के एसेट्स को कम करके बता रही है। जबकि बीएसएनएल के एसेट्स करीब चार लाख करोड़ से ऊपर के हैं। इसके बावजूद घाटे का बताकर इसमें विनिवेश किये जाने की तैयारी है। उन्होंने बताया कि एक्जेक्विटिव मिलाकर करीब तीन लाख कर्मचारी हैं। यह हाल तब है जब 1982 से बीएसएनएल में कोई भर्तियां नहीं हुई हैं। तब से अब तक हजारों लोग अवकाश प्राप्त कर चुके हैं।

कर्मचारी नेताओं ने कहा कि उस समय काम काफी कम था जबकि आज तकनीक बदली और नए-नए उत्पाद आ गए। इससे कर्मचारियों पर काम का बोझ भी बढ़ गया है। इसके बावजूद सरकार एक लाख कर्मचारियों की छंटनी की तैयारी कर रही है। इसका कर्मचारी यूनियन पुरजोर विरोध करेगा। जिला सचिव मदन सिंह रावत ने यूनियन की कई उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने कहा कि एफडीआई का वे लोग हर कीमत पर विरोध करेंगे।  इस मौके पर मुख्य अतिथि महाप्रबंधक बलराज ने कहा कि बीएसएनएल एक टीम है। इसके कर्मियों ने ही बीएसएनएल को शुरू से ही नम्बर एक बनाया है।

कंपनी का फायदा देश का फायदा है। बीएसएनएल के पास सबसे जयादा कर्मी और कुशल लोग हैं। जिला उपाध्यक्ष अशोक चंदोक ने कहा कि ग्रामीण इलाकों में कोई भी कम्पनी अपना नेटवर्क नहीं फैला रही है। वहां नेटवर्क का विस्तार करना घाटे का सौदा है। निजी कम्पनियां इसलिए ग्रामीण इलाकों में अपना नेटवर्क नहीं बढ़ा रहे हैं। इस मौके पर जिला अध्यक्ष राम बहादुर, मोहन सिंह रावत, दयाल सिंह ज्याड़ा सहित कई अन्य उपस्थित थे।

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