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9 दिसंबर, 2019|11:54|IST

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बजट में छिपी 6000 नौकरियां


प्रदेश के वार्षिक बजट में छह हजार से अधिक नौकरियों की उम्मीद छिपी हुई है। आधे से ज्यादा नौकरियों लड़कियों के हिस्से में आएंगी। घोषणाओं पर ठीक से अमल हुआ तो इन नौकरियों की संख्या बढ़ भी सकती है।
बजट की कई घोषणाएं सीधे तौर पर नौकरी से जुड़ी हैं। मसलन, देहरादून में इसी वर्ष नर्सिग कॉलेज शुरू होने का अर्थ कम से कम 200 लोगों को स्थायी, अस्थायी नौकरी मिलना भी है।

इसी कड़ी में पिथौरागढ़ और पौड़ी के नर्सिग कॉलेजों को जोड़ लें तो तीनों कॉलेजों में प्राचार्य से चपरासी स्तर तक की 600 नौकरियां सामने होंगी। दून मेडिकल कॉलेज और कर्मचारी राज्य बीमा निगम मेडिकल कॉलेज भी शिक्षकों, डॉक्टरों, पैरामेडिकल, नर्सिग व अन्य कर्मियों के लिए 500 से ज्यादा अवसर लेकर आएगा।

सरकार ने सीबीएसई पैटर्न के एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों के जरिये भी नौकरी की उम्मीद जगाई। सभी 13 जिलों में बनने वाले इन विद्यालयों में यदि हरेक में शिक्षकों-कर्मचारियों के 25 पद हुए तो करीब 300 युवाओं को मौका मिलेगा। सरकार ने बाल विकास की आधा दजर्न परियोजनाओं की घोषणा की है। मौजूदा 99 परियोजनाओं में करीब 22 हजार महिलाएं काम कर रही हैं। आनुपातिक लिहाज से देखें तो छह परियोजनों में 1300 से ज्यादा ग्रामीण महिलाओं को काम मिल सकेगा।

सरकार ने अटल आदर्श गांवों में से शेष बचे 428 गांवों में मिनी बैंक/विस्तार पटल के मामले को आगे बढ़ाकर भी 500 युवाओं के लिए उम्मीद जगाई है। इससे भी बड़ा मौका सामुदायिक सूचना केंद्रों में मिलने वाला है। प्रदेश भर में 2804 सूचना केंद्र बनेंगे। हरेक केंद्र पर एक युवा को नौकरी दी जाएगी। यानी 2800 से ज्यादा नौकरी पक्की। उपयरुक्त सभी मामलों को जोड़ लें तो एक अप्रैल से शुरू होने वाले वित्तीय वर्ष में प्रदेश के छह हजार युवाओं को सरकारी एवं अर्धसरकारी विभागों में स्थायी या अस्थायी नौकरी मिल सकेगी।

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