करोड़ों का बिजली प्रोजेक्ट लटका - करोड़ों का बिजली प्रोजेक्ट लटका DA Image
12 दिसंबर, 2019|7:35|IST

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करोड़ों का बिजली प्रोजेक्ट लटका

कपकोट तहसील की पिंडर घाटी में सुंदरढुंगा नदी पर रिडिंग के पास प्रस्तावित लघु जल विद्युत परियोजना साढ़े तीन वर्ष से लटकी है। 500 किलोवाट की परियोजना से 11 गांवों को जगमग करने का लक्ष्य रखा गया है। पिंडारी ग्लेशियर मार्ग में खर्किया के पास दुकान की दीवार में चस्पा इसका ब्योरा लोगों को चिढ़ा रहा है।

परियोजना की लागत 4.68 करोड़ रुपये है। इसमें उरेडा की ओर से 4.22 करोड़ तथा लाभार्थी संस्था की ओर से 46.26 लाख रुपये खर्च किए जाने हैं। योजना निर्माण के लिए एएचईसीआईसी, आईआईटी रुड़की, उरेडा एवं लाभार्थी संस्था के मध्य 29 सितंबर 2006 को त्रिपक्षीय अनुबंध हुआ।  वाछम गांव के नौ तोकों में 220 लोग रहते हैं।

18 माह में इस परियोजना का निर्माण पूरा कर वाछम, लैटोली, जातोली, नॉन खाती, खाती, उमुला, भगदाणों, जैकुनी, सरनी, भटंग तथा धूर गांवों को बिजली दी जानी थी। काली भाट से रिडिंग गांव तक के लिए लगभग दो किलोमीटर की नहर 42 माह गुजरने के बाद भी लटकी पड़ी हैं। परियोजना का सामान पिंडारी ग्लेशियर मार्ग में लोहारखेत, धाकुड़ी के जंगलों समेत रास्तों में बिखरा जंग खा रहा है।

ग्रामीणों ने बताया कि वर्तमान में गोगिना गांव के ग्रामीण मजदूरी में लगे हैं। परियोजना कब पूरी होगी किसी को कुछ पता नहीं। बहरहाल पीढ़ियों से अंधेरे में रह रहे पिंडर घाटी के ग्रामीणों के लिए 18 माह में गांवों में विद्युत अभी तक भी सपना बना हुआ है।

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