डॉटनेट टेक्नोलॉजी: एप्लीकेशन डेवलपमेंट की आसान राह - डॉटनेट टेक्नोलॉजी: एप्लीकेशन डेवलपमेंट की आसान राह DA Image
21 नबम्बर, 2019|5:05|IST

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डॉटनेट टेक्नोलॉजी: एप्लीकेशन डेवलपमेंट की आसान राह

डॉटनेट टेक्नोलॉजी: एप्लीकेशन डेवलपमेंट की आसान राह

सॉफ्टवेयर प्रोफेशनलों का मुख्य काम होता है विभिन्न सॉफ्टवेयर एप्लीकेशंस को डेवलप करना। इस काम के लिए विभिन्न प्रोग्रामिंग लैंग्वेजों और टेक्नोलॉजी का उपयोग किया जाता है। विभिन्न कंप्यूटर कोर्सेज जैसे एमसीए, बीटेक आदि से जुड़े छात्रों के बीच आजकल डॉटनेट टेक्नोलॉजी काफी लोकप्रिय है। इस टेक्नोलॉजी का उपयोग सॉफ्टवेयर इंडस्ट्री में भी बड़े पैमाने पर किया जा रहा है। ऐसे में इसके जानकारों के लिए जॉब मार्केट में काफी अवसर हैं।

डॉटनेट फ्रेमवर्क इंटिग्रल विंडोज कंपोनेंट्स होता है, जो विभिन्न एप्लीकेशंस और वेब सर्विसेज को डेवलप करने में सहायक है। माइक्रोसॉफ्ट डॉटनेट फ्रेमवर्क का मुख्य कंपोनेंट होता है कॉमन लैंग्वेज रनटाइम, जिसे सीएलआर कहा जाता है और डॉटनेट क्लास लाइब्रेरी, जिसमें एएसपी डॉटनेट, एडीओ डॉटनेट, विंडोज फॉर्म आदि सम्मिलित होते हैं।

डॉटनेट, फ्रेमवर्क की यह विशेषता है कि इसे विभिन्न प्रोग्रामिंग लैंग्वेजों के साथ इंटीग्रेट किया जा सकता है।
सीएलआर को डॉटनेट फ्रेमवर्क की फाउंडेशन कहा जा सकता है। यह एक प्रकार से एजेंट की भूमिका निभाता है, जो एग्जिक्यूशन के समय कोड को मैनेज करता है, साथ ही मेमरी मैनेजमेंट, थ्रेड मैनेजमेंट, रिमोटिंग, सिक्योरिटी आदि सर्विसेज को भी हैंडल करता है। वहीं डॉटनेट फ्रेमवर्क क्लास लाइब्रेरी री-यूजेबल टाइप का कलेक्शन होता है, जो सीएलआर के साथ मिल कर काम करता है। यह ऑब्जेक्ट-ओरिएंटेड के कॉन्सेप्ट पर आधारित होता है। डॉटनेट फ्रेमवर्क टाइप्स की सहायता से कई प्रकार के प्रोग्रामिंग टास्क किए जा सकते हैं, जैसे स्ट्रिंग मैनेजमेंट, डाटा कलेक्शन, डाटाबेस कनेक्टिविटी और फाइल एक्सेस।

डॉटनेट, फ्रेमवर्क की सहायता से विंडोज जीयूआई एप्लीकेशन, कंसोल एप्लीकेशन, एएसपी डॉटनेट एप्लीकेशन, वेब सर्विसेज, ¨वडोज सर्विसेज, मोबाइल एप्लीकेशन, विंडोज प्रेजेंटेशन फाउंडेशन एप्लीकेशन जैसे विभिन्न एप्लीकेशंस डेवलप किए जाते हैं। यह प्लेटफॉर्म इंडिपेंडेंट होता है। कहने का मतलब है कि इसका उपयोग विभिन्न ऑपरेटिंग सिस्टम जैसे विंडोज 2000, एक्सपी, विस्टा, विंडोज-7 आदि पर किया जा सकता है। साथ ही यह प्रोसेसर इंडिपेंडेंट भी होता है।

इसके द्वारा एप्लीकेशंस डेवलप करना काफी आसान हो जाता है, साथ ही डेवलपर को बड़े-बड़े कोड लिखने की भी जरूरत नहीं पड़ती। एप्लीकेशंस को डिप्लॉय करना भी आसान होता है।

विभिन्न वजर्न

डॉटनेट फ्रेमवर्क के कई वजर्न आ चुके हैं। इनमें वजर्न 1.1, वजर्न 2.0, वजर्न 3.0 और वजर्न 3.5 प्रमुख हैं। अधिकतर काम वजर्न 3.5 में किया जाता है। फ्रेमवर्क वजर्न 4.0 रिलीज होने वाला है।

डॉटनेट कॉम्पेक्ट वजर्न 3.5 में कई फीचर्स जोड़े गए हैं। यह वजर्न विंडोज कम्युनिकेशन फाउंडेशन को सपोर्ट करता है, जिसकी सहायता से सर्विस-ओरिएंटेड एप्लीकेशंस डेवलप किए जा सकते हैं। लैंग्वेज-इंटिग्रेटेड क्यूरी (LINQ) भी इसका एक फीचर है, जो डॉटनेट फ्रेमवर्क में क्यूरी की सुविधा देता है। इसके अतिरिक्त डेलिगेट्स, लॉ¨गग, रनटाइम टूल्स, स्ट्रॉन्ग नेम्स आदि भी यहां उपलब्ध हैं।

एएसपी डॉटनेट वेब डेवलपमेंट मॉडल है, जो डॉटनेट फ्रेमवर्क का पार्ट होता है। इसकी सहायता से वेब एप्लीकेशंस डेवलप की जाती हैं। कोई भी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज, जो कि कॉमन लैंग्वेज रनटाइम (सीएलआर) के साथ कम्पेटिबल होती है, उसमें आप अपने एप्लीकेशंस की कोडिंग कर सकते हैं। प्रमुख लैंग्वेज हैं- माइक्रोसॉफ्ट विजुअल बेसिक, सी-शार्प, जे स्क्रिप्ट और जे-शार्प डॉटनेट। इन लैंग्वेजों की सहायता से आप एएसपी डॉटनेट एप्लीकेशन डेवलप कर सकते हैं। विजुअल स्टुडियो टूल्स का सूट होता है, जिसकी सहायता से डेस्कटॉप और वेब एप्लीकेशंस डेवलप की जाती हैं। इसके अलावा तकरीबन 45 लैंग्वेज हैं, जो डॉटनेट-इनेबल्ड लैंग्वेज की कैटेगरी में आती हैं, जैसे विजुअल सी-प्लस प्लस डॉटनेट, पास्कल डॉटनेट, डेल्फी डॉटनेट, रूबी डॉटनेट आदि। विजुअल स्टुडियो के भी विभिन्न वजर्न उपलब्ध हैं, जैसे विजुअल स्टुडियो 2005, 2008 और 2010 आदि। डॉटनेट फ्रेमवर्क और विजुअल स्टुडियो से संबंधित विस्तृत जानकारी के लिए आप एमएसडीएन की सहायता भी ले सकते हैं। इसके लिए आप www.microsoft.com पर लॉग-इन करें।

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