बीएमआई - बीएमआई DA Image
19 नबम्बर, 2019|10:43|IST

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

बीएमआई

किसी भी व्यक्ति की सेहत का शुरुआती जायजा लेने के लिए डॉक्टर उसके बॉडी मास इंडैक्स (बी एम आई) देख कर ही यह फैसला लेते हैं कि उसे अपना वजन और कम करने की जरूरत है या नहीं। अगर आप अपना बीएमआई जानना चाहते हैं तो यह जरूरी नहीं कि आप किसी डॉक्टर के पास ही जाएं। इसके लिए आप एक चार्ट देखने भर से जान सकते हैं कि आप का वजन अपेक्षा से ज्यादा या कम है। सही-सही बीएमआई जानने के लिये वजन की कद के साथ तुलना की जाती है। बॉडी मास इंडैक्स सही मायने में ये बताता है कि किसी शरीर का वजन उसके कद के अनुपात में कितना ठीक है। बात अगर बॉडी मास इंडैक्स की करें तो 18.5 से लेकर 25 तक की बीएमआई वाले लोगों को स्वस्थ माना जाता है। दक्षिण अफ्रीका और कनाडा के लोगों का औसतन बीएमआई 29 पाया गया है। औसत भारतीयों के लिए उनका बी एम आई 22.9 से ज्यादा नहीं होना चाहिए।
बी एम आई = वजन किलोग्राम में (ऊंचाई मीटर में) बी एम आई से शरीर में मौजूद चर्बी का मोटा-मोटा अंदाजा हो जाता है। और यह भी कि आपको वजन घटाने की जरूरत है या नहीं। जिन वयस्कों का बी एम आई ‘स्वस्थ’ श्रेणी में आता है, जरूरी नही कि उन सभी का वजन भी सही हो। हो सकता है उनमें चर्बी ज्यादा और मांसपेशियां कम हों। इसी तरह अगर आप काफी व्यायाम करते हैं तो आपके शरीर में मांसपेशियां ज्यादा और चर्बी कम हो सकती है, हो सकता है कि आपका बी एम आई सामान्य रेंज से ज्यादा हो, लेकिन फिर भी ये स्वस्थ श्रेणी में आएगा। डॉक्टर दो बातों पर खास ध्यान देते हैं। पहला कमर का नाप और दूसरा बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) यानी लंबाई के अनुपात में वजन। इसके मुताबिक ही शरीर के स्वास्थय संतुलन को देखकर बी एम आई के आधार पर उपचार के उपाय करते हैं। बी एम आई की सामान्य श्रेणी गर्भवती और अपने बच्चों को दूध पिलाने वाली माताओं पर लागू नहीं होती।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:बीएमआई