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दो प्रवेशपत्रों पर एक ही नाम

बोर्ड ने छात्रों के नाम व पिता के नाम में हुई त्रुटि को सुधारने के लिए प्रस्ताव तो माँगा लेकिन इसमें कोई सुधार नहीं किया। जिससे छात्रों के प्रवेश पत्रों में भारी गड़बड़ियाँ रह गई हैं। डीआईओएस कार्यालय की ओर से सुधार के लिए भेजे गए प्रस्तावों को बोर्ड ने कूड़े मेंड्ढr डाल दिया। रविवार को कई लोग प्रवेश पत्रों में गड़बड़ी की शिकायत लेकर डीआईओएस कार्यालय पहुँचे।ड्ढr जॉन बास्को पब्लिक स्कूल में दो छात्रों के प्रवेश पत्रों पर एक ही छात्र के नाम छप गए हैं। जब इन पर फोटो दूसरे के लगे हैं। अब इसमें कौन सा रोलनम्बर किस छात्र का है यही नहीं पता चल पाएगा। सीतापुर रोड स्थित यूनीवर्सल पब्लिक इण्टर कॉलेज में कई छात्रों के प्रवेश पत्र से फोटो ही गायब है।ड्ढr इस पर फोटो मिसिंग लिखा गया है जबकि छात्रों ने परीक्षा फार्म के साथ फोटो लगाया था। रोलनम्बर की शीट के साथ भी छात्रों के फोटो न होने की आपत्ति आई थी। जिसके बाद कॉलेज के प्रबंधक व स्ववित्त पोषित स्कूल प्रबंधक महासंघ के प्रदेश महासचिव संतराम सिंह चौहान ने छात्रों की फोटो व अन्य त्रुटियाँ ठीक कराकर डीआईओएस कार्यालय में जमा कराई थी। श्री चौहान कहते हैं कि डीआईओएस कार्यालय ने सुधार का प्रस्ताव बोर्ड भेजा था लेकिन अब जब प्रवेश पत्र मिला तो उसमें कई छात्रों के फोटो ही गायब हैं। उनके नाम व पिता के नाम भी गलत हैं। अन्य कॉलेजों में भी प्रवेश पत्रों में गड़बड़ियाँ सामने आई हैं।ड्ढr उन्होंने कहाकि बोर्ड ने इण्टरनेट पर प्रवेश पत्र जारी कर दिया है। इससे जिन छात्रों के नाम स्कूल से काटे गए थे उनके प्रवेश पत्र भी बोर्ड से जारी हो गए हैं। ऐसे वे छात्र भी इण्टरनेट से प्रवेश पत्र लेकर परीक्षा दे देंगे। लाइब्रेरी से पुस्तकें लेकर गायब होने वाले छात्र भी इन्हें जमा करने नहीं आएँगे। वे भी इण्टरनेट से प्रवेश पत्र लेकर परीक्षा देंगे। उन्होंने इण्टरनेट पर प्रवेश पत्र जारी करने पर रोक लगाने की माँग की है। नहीं आए कई कॉलेजों के प्रवेश पतड्र्ढr राजधानी के तीस से अधिक इण्टर कॉलेजों के छात्रों के प्रवेश पत्र बोर्ड से नहीं आए हैं। रविवार को डीआईओएस कार्यालय प्रवेश पत्र लेने पहुँचे इन स्कूलों के शिक्षकों को बिना प्रवेश पत्र के वापस लौटना पड़ा। प्रवेश पत्र क्यों रोके गए हैं इसकी जानकारी देने वाला कोई नहीं है।ड्ढr बोर्ड ने इण्टरमीडिएट के प्रवेश पत्र शुक्रवार तथा हाईस्कूल के रविवार को भेजे थे। इण्टर के प्रवेश पत्र शनिवार को वितरित किए गए थे जबकि हाईस्कूल के रविवार को वितरित हुए। तीस से अधिक कॉलेजों के हाईस्कूल व इण्टर के प्रवेश पत्र नहीं आए हैं। अब परीक्षा शुरू होने में केवल नौ दिन ही बचे हैं। लेट लतीफ प्रवेश पत्र आए तो इन्हें छात्रों तक पहुँचने में कई दिन लग जाएँगे। प्रवेश पत्र में काफी गड़बड़ियाँ हैं। प्रधानाचार्यो को इनकी जाँच करना होगा। उस हस्ताक्षर करने के बाद ही छात्रों को देंगे। प्रवेश पत्र न आने से छात्र व स्कूल संचालक दोनों परेशान हैं।ं

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